पहलगाम हमले में शामिल एक आतंकी की पहचान हुई: सुलेमान शाह का नाम आया सामने, दो मददगार गिरफ्तार

पहलगाम आतंकी हमले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बताया है कि हमला करने वाले तीन आतंकियों में से एक की पहचान सुलेमान शाह के रूप में हुई है। रविवार को गिरफ्तार किए गए दो स्थानीय आरोपियों से पूछताछ में यह जानकारी सामने आई।

NIA की टीम ने परवेज अहमद जोठार और बशीर अहमद जोठार नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने हमले को अंजाम देने वाले तीन आतंकियों को पहले से शरण, भोजन और जरूरी सामान मुहैया कराया था।

सुलेमान शाह, हाशिम मूसा और तल्हा भाई एक ही नेटवर्क से

NIA जांच में सामने आया है कि सुलेमान शाह उसी आतंकी नेटवर्क का हिस्सा है, जिसमें हाशिम मूसा, तल्हा भाई और जुनैद जैसे नाम शामिल थे। उल्लेखनीय है कि जुनैद पिछले साल एक मुठभेड़ में मारा जा चुका है।

जुनैद के मोबाइल से मिले फोटोज़ में सुलेमान की तस्वीर भी मिली है, जिसे कई हमले में बचे पीड़ितों ने पहचान लिया है। यह पुष्टि सुलेमान की सक्रियता और भूमिका को और भी मजबूत करती है।

गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड पर लेगी NIA

NIA के अनुसार, दोनों आरोपी हमलावरों को बायसरन घाटी के पास हिल पार्क क्षेत्र की एक अस्थायी झोपड़ी में छिपाकर रखे थे। पूछताछ में यह भी पता चला है कि तीनों आतंकी पाकिस्तानी नागरिक थे और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े हुए थे।

अब दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर NIA की टीम उन स्थानों पर जाएगी, जहां आतंकियों ने खुद को छिपाया था। इससे भागने के रूट, सहयोगियों और हथियारों के ठिकानों की जानकारी मिलने की संभावना है।

22 अप्रैल का पहलगाम हमला: 26 की मौत, धार्मिक पहचान पर किया हमला

22 अप्रैल को हुए इस भीषण हमले में 26 पर्यटकों की मौत हो गई थी और 16 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। आतंकियों ने धार्मिक पहचान के आधार पर निशाना बनाकर फायरिंग की थी। यह हमला पहलगाम से 6 किमी दूर बायसरन घाटी में हुआ था।

🇮🇳 भारत की जवाबी कार्रवाई: ऑपरेशन सिंदूर में 100 से ज्यादा आतंकी ढेर

हमले के जवाब में भारत ने 6-7 मई की रात 1:05 बजे “ऑपरेशन सिंदूर” चलाया। भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए।

इस ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद चीफ मौलाना मसूद अजहर के 10 रिश्तेदार और 4 टॉप सहयोगी भी मारे गए। भारत ने इस कार्रवाई में 24 मिसाइलें दागीं, जिससे दुश्मन के नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंचा।