इजराइल-ईरान जंग का 9वां दिन: इजराइली हमलों में ईरान के टॉप कमांडर ढेर, तुर्की राष्ट्रपति बोले- नेतन्याहू शांति की सबसे बड़ी रुकावट
इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग आज नौवें दिन भी थमने का नाम नहीं ले रही। शनिवार को इजराइली सेना ने दावा किया कि उसने ईरानी सेना के तीन वरिष्ठ कमांडरों को मार गिराया है। मारे गए अधिकारियों में ड्रोन यूनिट का प्रमुख, कुद्स फोर्स का एक सदस्य और फिलिस्तीनी मामलों से जुड़ा एक उच्च अधिकारी शामिल है।
इजराइली सेना ने ईरान के कई शहरों—खोरमाबाद, कोम और इस्फहान—पर मिसाइल हमले किए। इनमें 5 लोगों की मौत हो गई और 4 घायल हुए हैं। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने भी शनिवार सुबह तेल अवीव सहित कई इजराइली शहरों पर मिसाइलें दागीं, हालांकि इसमें कोई जनहानि नहीं हुई।


इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वे इजराइल को जंग रोकने की सलाह नहीं देंगे, क्योंकि फिलहाल इजराइल इस युद्ध में आगे है और ऐसे में उसे रोकना मुश्किल है।
13 जून को इजराइल ने ईरान पर पहला बड़ा हमला किया था। तब से अब तक ईरान में कुल 657 लोगों की जान जा चुकी है और 2000 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इजराइल की ओर भी 24 लोगों की मौत और 900 से अधिक लोग घायल होने की खबर है।
ईरान की सरकार ने बताया कि इजराइली हमलों में अब तक 430 नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 3,500 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में कई सेना के अधिकारी और वैज्ञानिक शामिल हैं।

इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) की बैठक में तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू पर हमला बोलते हुए कहा कि नेतन्याहू की सरकार ही शांति की सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने कहा, “मैं इजराइल के सभी मित्र देशों से अपील करता हूं कि वे नेतन्याहू की उकसाने वाली बातों पर ध्यान न दें।”
