पहलगाम हमला: आतंकी अब भी कश्मीर में छिपे, अमेरिका ने भारत को दिया समर्थन, सीमा पर तनाव बरकरार
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बायसरन घाटी में हुए आतंकी हमले के बाद हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। इंटेलिजेंस सूत्रों का कहना है कि हमले को अंजाम देने वाले आतंकी दक्षिण कश्मीर के पहाड़ी और जंगलों वाले क्षेत्रों में छिपे हो सकते हैं। उनके पास पर्याप्त राशन और पानी मौजूद है, जिससे वे लंबे समय तक इन इलाकों में टिके रह सकते हैं।
अमेरिका का भारत को समर्थन
अमेरिका की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़ा है। उन्होंने बताया कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिका का पूरा समर्थन देने की बात कही है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि उन्हें उम्मीद है भारत पाकिस्तान के साथ टकराव से बचेगा और पाकिस्तान को आतंकियों के खिलाफ सहयोग करना चाहिए।
हमले के बाद 10 लाख साइबर अटैक
महाराष्ट्र साइबर डिपार्टमेंट के अनुसार, पहलगाम हमले के बाद भारत के डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर करीब 10 लाख साइबर अटैक दर्ज किए गए। डीजीपी यशस्वी यादव ने बताया कि ये हमले खासतौर पर भारतीय वेबसाइटों और पोर्टलों को निशाना बनाकर किए गए और इसमें कई हैकिंग ग्रुप्स ने खुद को इस्लामिक संगठन बताया है।
सीमा पर बढ़ा तनाव, लगातार सीजफायर उल्लंघन
पाकिस्तानी सेना ने लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पर लगातार आठवें दिन सीजफायर उल्लंघन किया है। इसके साथ ही इंटरनेशनल बॉर्डर पर भी जम्मू-कश्मीर के पांच इलाकों में गोलीबारी हुई है। फायरिंग को देखते हुए स्थानीय समुदायों के लिए बंकर तैयार किए जा रहे हैं, ताकि आपात स्थिति में उनका इस्तेमाल किया जा सके।
UNSC में हो सकती है भारत-पाक बैठक
संयुक्त राष्ट्र में ग्रीस के स्थायी प्रतिनिधि इवानगेलोस सेकेरीस ने कहा है कि भारत-पाकिस्तान के मसले पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में जल्द बैठक हो सकती है। उन्होंने कहा कि समय रहते बातचीत जरूरी है ताकि क्षेत्रीय तनाव को कम किया जा सके।
वीजा मुद्दा और सीमा पर फंसे पाक नागरिक
भारत सरकार द्वारा 14 प्रकार के वीजा धारकों को भारत छोड़ने के लिए दी गई समयसीमा 29 अप्रैल को समाप्त हो चुकी है। इसके चलते करीब 70 पाकिस्तानी नागरिक अटारी बॉर्डर पर फंसे हुए हैं, क्योंकि दोनों देशों के बीच सीमा अब भी बंद है।
पाकिस्तानी सेना की तैयारियां
सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान ने अपने फॉरवर्ड पोस्ट्स पर सेना की तैनाती तेज कर दी है, जिसमें चीन से मिली भारी तोपों का भी इस्तेमाल किया गया है। इसके जवाब में भारतीय सुरक्षा एजेंसियां भी उच्च सतर्कता पर हैं।
