छत्तीसगढ़ की 67 साल की कमला देवी ने दुबई में वेटलिफ्टिंग में जीते तीन गोल्ड, एक सिल्वर मेडल
मनेंद्रगढ़ जिले की 67 वर्षीय कमला देवी मंगतानी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है। उन्होंने दुबई में आयोजित 11वें अंतरराष्ट्रीय खेल समारोह में वेटलिफ्टिंग में तीन गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया।
कमला देवी पिछले 40 सालों से डायबिटीज जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। एक वक्त ऐसा भी था जब उन्हें चलने के लिए बैसाखी की जरूरत पड़ती थी और डॉक्टरों ने उन्हें घुटना बदलने की सलाह दी थी। लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय खुद को साबित करने की ठान ली।
बीते पांच सालों से कमला देवी नियमित रूप से जिम जा रही हैं और यहीं से उन्होंने वेटलिफ्टिंग की ट्रेनिंग ली। उनकी मेहनत और लगन का नतीजा है कि वे अब तक 100 से ज्यादा गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। दुबई में उन्होंने वेटलिफ्टिंग के अलावा स्विमिंग, तवा फेंक और गोला फेंक जैसी प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लिया।
दुनियाभर के खिलाड़ियों के बीच कमला देवी का जलवा
दुबई में आयोजित इस प्रतियोगिता में पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों के खिलाड़ियों ने भाग लिया। भारत के भी विभिन्न राज्यों से लगभग 200 प्रतिभागी शामिल हुए। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से भी तीन खिलाड़ियों ने इस खेल समारोह में हिस्सा लिया।

दुबई से मिला खास निमंत्रण
कमला देवी ने बताया कि उन्हें इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए दुबई से आधिकारिक निमंत्रण मिला था। उन्होंने दुबई को बेहद स्वच्छ और अनुशासित शहर बताया। कमला देवी का कहना है कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती। इस प्रतियोगिता में एक 82 साल की महिला भी हिस्सा लेने आई थीं।
कमला देवी बनीं प्रेरणा का स्रोत
वेटलिफ्टिंग में जीत के साथ उन्होंने यह संदेश दिया कि उम्र केवल एक संख्या है। जिस उम्र में अधिकतर लोग चलने के लिए छड़ी का सहारा लेते हैं, उस उम्र में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का तिरंगा गर्व से ऊंचा किया है।

