“तुम काले हो, मुझे कोई और डिज़र्व करता है”… बेवफा पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर लिखी पति की मौत की इबारत
धार (मध्य प्रदेश): “तुम काले हो, अच्छे कपड़े नहीं पहनते, मैं तुम्हारे साथ खुश नहीं हूं। मुझे कोई और डिजर्व करता है। तुम मुझे तलाक दे दो।” ये शब्द 29 वर्षीय मसाला कारोबारी देव कृष्ण पुरोहित के लिए सिर्फ ताने नहीं थे, बल्कि उस नफरत की आग थे जो उनके ही घर में सुलग रही थी। जिस पत्नी को वो सात फेरे लेकर घर लाए थे, उसी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर देव कृष्ण के खून से अपने हाथों को लाल कर लिया।

धार जिले के ग्राम गोंदीखेड़ा चारण में हुई इस निर्मम हत्या ने पूरे इलाके को दहला दिया है। पुलिस ने मामले का पर्दाफाश करते हुए मृतक की पत्नी प्रियंका (27) और उसके प्रेमी कमलेश पुरोहित को गिरफ्तार कर लिया है।

नफरत, शक और शर्तों वाली वापसी
मृतक की बहन ज्योति ने जो खुलासे किए हैं, वे रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। देव कृष्ण और प्रियंका की शादी 2015 में हुई थी। प्रियंका शुरू से ही देव को उसके रंग और रहन-सहन के लिए अपमानित करती थी। साल 2022 में जब उसके और कमलेश के प्रेम संबंधों का खुलासा हुआ, तो वह झगड़ा कर मायके चली गई।
ढाई साल बाद वह लौटी तो ‘खतरनाक शर्तों’ के साथ:
-
“मेरा मोबाइल कोई हाथ नहीं लगाएगा।”
-
“मुझसे कोई काम करने को नहीं कहेगा।”
-
“मुझे पार्लर खुलवा कर देना होगा।”
ज्योति के अनुसार, प्रियंका दिनभर फोन में डूबी रहती थी और कमलेश से घंटों बातें करती थी। विरोध करने पर वह केस में फंसाने की धमकी देती थी। दो महीने पहले तो उसने देव कृष्ण का गला दबाने तक की कोशिश की थी।
आधी रात का खौफनाक मंजर: खून से सना बेड और झूठी चीखें
सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात प्रियंका ने अपनी साजिश को अंजाम दिया। उसने घर का दरवाजा खुला छोड़ दिया ताकि उसका प्रेमी कमलेश और भाड़े का हत्यारा सुरेंद्र भाटी अंदर दाखिल हो सकें।

जब देव कृष्ण गहरी नींद में थे, तब अपराधियों ने धारदार हथियार से उन पर हमला कर दिया। हत्या के बाद प्रियंका ने खुद के हाथ साड़ी से बांध लिए ताकि इसे लूट का रूप दिया जा सके। 15 मिनट बाद जब कातिल फरार हो गए, तब उसने शोर मचाना शुरू किया। लेकिन पुलिस की पैनी नजरों से वह नहीं बच सकी। उसके विरोधाभासी बयानों ने सारा राज खोल दिया।
जांच में खुले राज:
-
झूठी लूट की कहानी: प्रियंका ने दावा किया कि 3 लाख के जेवर और 50 हजार नगद चोरी हुए हैं, लेकिन पुलिस ने सारा सामान घर से ही बरामद कर लिया।
-
किराए का कातिल: कमलेश ने अपराधी सुरेंद्र भाटी को 1 लाख रुपए की सुपारी दी थी, जिसमें से 50 हजार एडवांस दिए गए थे।
-
पुराना इश्क: कमलेश खुद शादीशुदा है और दो बच्चों का पिता है, लेकिन प्रियंका से उसका रिश्ता 2017 से चल रहा था।
एक हंसता-खेलता परिवार तबाह
देव कृष्ण के पिता की मौत 1999 में संदिग्ध हालातों में हुई थी। मां लक्ष्मीबाई और बड़े पापा लक्ष्मण पुरोहित ने बड़े अरमानों से ‘भय्यू’ (देव कृष्ण) को पाल-पोसकर बड़ा किया था। उन्हें क्या पता था कि जिस बहू को वे घर ला रहे हैं, वही उनके वंश को खत्म करने की साजिश रचेगी।
आज घर में सिर्फ मातम है और मां का रो-रोकर बुरा हाल है। चाचा रामलाल कहते हैं, “हमें डर था कि बहू कुछ उल्टा-सीधा कर लेगी तो हम फंस जाएंगे, इसलिए चुप रहते थे। पर वह तो हत्यारिन निकलेगी, ये कभी नहीं सोचा था।”
पुलिस की स्थिति: मुख्य आरोपी प्रियंका और कमलेश सलाखों के पीछे हैं, जबकि फरार हत्यारे सुरेंद्र भाटी की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
संपादकीय टिप्पणी: यह घटना समाज को आइना दिखाती है कि कैसे दिखावे की चाहत और अवैध संबंध इंसानी संवेदनाओं को खत्म कर देते हैं। रंग के आधार पर नफरत करना केवल एक मानसिक बीमारी नहीं, बल्कि एक हिंसक प्रवृत्ति का संकेत भी हो सकता है।
