महंगाई का डबल अटैक: 43 महीनों के रिकॉर्ड स्तर 9.68% पर पहुंची थोक महंगाई, सोना-चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल

आम जनता की जेब और घरेलू अर्थव्यवस्था पर महंगाई की दोहरी मार पड़ी है। एक तरफ जहां देश में थोक महंगाई दर (WPI) ने पिछले 43 महीनों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, वहीं दूसरी तरफ सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों ने आसमान छू लिया है। इस अचानक आए उछाल से शादी-ब्याह के सीजन में खरीदारी करने वालों को बड़ा झटका लगा है।

43 महीनों के उच्चतम स्तर पर थोक महंगाई सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश की थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई दर 9.68% के स्तर पर पहुंच गई है। यह पिछले 43 महीनों का सबसे उच्चतम स्तर है। खाद्य पदार्थों, ईंधन और निर्मित उत्पादों (Manufactured Products) की कीमतों में बढ़ोतरी को इस उछाल की मुख्य वजह माना जा रहा है। थोक महंगाई बढ़ने का सीधा असर आने वाले दिनों में खुदरा बाजार (Retail Market) पर भी देखने को मिल सकता है।

सर्राफा बाजार में कोहराम: चांदी ₹8,900 से ज्यादा महंगी थोक महंगाई के आंकड़ों के बीच सर्राफा बाजार से भी चौंकाने वाली खबर आई है। सुरक्षित निवेश के रूप में कीमती धातुओं की मांग बढ़ने से दोनों कीमती धातुओं के दाम रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ गए हैं:

  • चांदी की कीमतें: चांदी में एक ही दिन में ₹8,906 की ऐतिहासिक तेजी दर्ज की गई है।

  • सोने की कीमतें: सोना भी पीछे नहीं रहा और इसमें एक दिन के भीतर ₹2,846 प्रति 10 ग्राम की भारी बढ़ोतरी देखी गई है।

विशेषज्ञों की राय बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और घरेलू स्तर पर बढ़ती महंगाई के चलते निवेशक शेयर बाजार के बजाय सोने-चांदी को सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यही रुख बना रहा, तो सर्राफा बाजार में तेजी का यह सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है।