गर्मियों में तरबूज खाने से फूड पॉइजनिंग का खतरा, डॉक्टरों ने दी सावधान रहने की सलाह

नई दिल्ली

भीषण गर्मी के इस मौसम में शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए तरबूज सबसे पसंदीदा फल माना जाता है। लेकिन हालिया स्वास्थ्य रिपोर्टों और डॉक्टरों की चेतावनियों ने सबको चौंका दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि लापरवाही से तरबूज का सेवन करने पर फूड पॉइजनिंग और पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।

तरबूज क्यों बन रहा है बीमारी का कारण?

डॉक्टरों के अनुसार, इसके पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण हैं:

  1. केमिकल और इंजेक्शन: तरबूज को समय से पहले पकाने और उसे अंदर से गहरा लाल दिखाने के लिए कुछ वेंडर नाइट्रेट और आर्टिफिशियल कलर (जैसे एरिथ्रोसिन) का इस्तेमाल कर रहे हैं। ये रसायन पेट में संक्रमण और फूड पॉइजनिंग का मुख्य कारण बनते हैं।

  2. बैक्टीरियल इंफेक्शन: कटे हुए तरबूज को लंबे समय तक बाहर रखने से उन पर साल्मोनेला जैसे हानिकारक बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। गर्मी में ये बैक्टीरिया बहुत तेजी से फैलते हैं।

फूड पॉइजनिंग के लक्षण

यदि तरबूज खाने के बाद आपको नीचे दिए गए लक्षण महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:

  • लगातार जी मिचलाना और उल्टी होना।

  • पेट में तेज मरोड़ या दर्द।

  • दस्त (डायरिया) की शिकायत।

  • हल्का बुखार और शरीर में कमजोरी।

डॉक्टरों द्वारा सुझाई गई सावधानियां

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने तरबूज खाते समय इन बातों का ध्यान रखने की सलाह दी है:

  • पूरा फल खरीदें: कभी भी बाजार से कटा हुआ तरबूज न खरीदें। हमेशा साबुत तरबूज लाएं और घर पर खुद काटकर खाएं।

  • पानी में भिगोकर रखें: तरबूज को काटने से पहले कम से कम 1 घंटे के लिए सादे पानी में भिगोकर रखें। इससे उसकी प्राकृतिक गर्मी और ऊपरी सतह पर लगे रसायन कम हो जाते हैं।

  • ताजा ही खाएं: तरबूज काटने के बाद उसे तुरंत खत्म करें। कटा हुआ तरबूज ज्यादा देर तक फ्रिज के बाहर या अंदर न रखें।

  • रंग की जांच करें: यदि तरबूज काटने पर उसका रंग बहुत ज्यादा गहरा लाल (अप्राकृतिक) लगे या उसमें अजीब सी गंध आए, तो उसे खाने से बचें।

एक्सपर्ट टिप: रात के समय तरबूज खाने से बचना चाहिए क्योंकि इसमें पानी और शुगर की मात्रा अधिक होती है, जो पाचन क्रिया को प्रभावित कर सकती है।

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