मौसम का कहर: यूपी, बिहार और कर्नाटक में आंधी-बारिश से 32 की मौत, दिल्ली में टूटा 18 साल का रिकॉर्ड
नई दिल्ली
देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। पिछले 48 घंटों के दौरान उत्तर प्रदेश, बिहार और कर्नाटक में आए भीषण आंधी-तूफान और बेमौसम बारिश ने भारी तबाही मचाई है। अलग-अलग राज्यों में हुए हादसों में अब तक 32 लोगों की जान जाने की दुखद खबर सामने आई है।
राज्यों में तबाही का मंजर
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उत्तर प्रदेश और बिहार: यहाँ आकाशीय बिजली गिरने और पेड़ गिरने की घटनाओं में सबसे ज्यादा जान-माल का नुकसान हुआ है। कई जिलों में फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं।
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कर्नाटक: दक्षिण भारत के इस राज्य में भी तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।
दिल्ली में टूटा 18 साल का रिकॉर्ड
देश की राजधानी दिल्ली में अप्रैल के महीने में कुदरत का अनोखा रूप देखने को मिला। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव के चलते दिल्ली में इतनी बारिश हुई है कि पिछले 18 सालों का रिकॉर्ड टूट गया है। अप्रैल में हुई इस रिकॉर्ड तोड़ बारिश ने जहाँ चिलचिलाती गर्मी से राहत दी है, वहीं निचले इलाकों में जलभराव की समस्या भी पैदा कर दी है।
मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों तक उत्तर और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में मौसम ऐसा ही बना रह सकता है।
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ऑरेंज अलर्ट: कई राज्यों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
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सावधानी: लोगों को सलाह दी गई है कि आंधी या बिजली कड़कने के समय पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास न खड़े हों।
मुख्य बिंदु:
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कुल मौतें: 32 (यूपी, बिहार, कर्नाटक मिलाकर)।
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दिल्ली का हाल: 18 साल बाद अप्रैल में सबसे अधिक वर्षा दर्ज।
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कारण: सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी गतिविधियाँ।
खेती पर असर: बेमौसम की इस बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि कटाई के लिए तैयार फसलों को भारी नुकसान पहुँचा है।
