वोटर रजिस्ट्रेशन के फॉर्म-6 में निर्वाचन आयोग का बड़ा बदलाव, SIR लागू राज्यों में बदला घोषणा पत्र

नई दिल्ली (UPI24 News)। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले फॉर्म-6 (Form-6) की प्रक्रिया और घोषणा पत्र में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। इस नए बदलाव के तहत आवेदकों को माता-पिता के 2003 या उससे पहले की मतदाता सूची में शामिल होने से जुड़ी जानकारी देने वाले घोषणा पत्र के नियमों में संशोधन किया गया है।

केवल SIR वाले राज्यों में लागू होगा नियम

निर्वाचन आयोग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह बदलाव केवल उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रभावी होगा जहाँ विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान चलाया जा रहा है।

गैर-SIR (Non-SIR) राज्यों में मतदाता पंजीकरण के लिए सामान्य प्रक्रिया ही लागू रहेगी और वहां पुराने प्रारूप के तहत ही फॉर्म भरे जा सकेंगे।

क्यों अहम है यह बदलाव?

फॉर्म-6 का उपयोग नए मतदाताओं (18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं या पहली बार पंजीकरण कराने वाले नागरिकों) के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए किया जाता है।

SIR प्रक्रियाओं के दौरान मतदाता सूची में दोहराव हटाने और नागरिकता/पात्रता की पुष्टि के लिए अतिरिक्त घोषणाएं मांगी जा रही थीं। आयोग के इस कदम का उद्देश्य वोटर आईडी आवेदन की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना और पात्र नागरिकों के लिए पंजीकरण की बाधाओं को कम करना है।