गांवों के समग्र विकास से साकार होगा विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर (UPI24 News)।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया है कि ग्राम पंचायतों को केवल योजनाओं के क्रियान्वयन की इकाई न मानकर उन्हें सामाजिक परिवर्तन, आर्थिक समृद्धि और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का केंद्र बनाना होगा। जब ग्राम पंचायतें सशक्त होंगी और प्रत्येक ग्रामीण विकास में सहभागी बनेगा, तभी ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का संकल्प पूरा होगा।

मुख्यमंत्री साय नवा रायपुर स्थित SIRD परिसर (निमोरा) में आयोजित प्रदेश के सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEOs) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक एवं कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।

अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे लाभ, यही सुशासन की कसौटी

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ शासन की योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता और ईमानदारी से कार्य करते हुए ग्रामीणों का विश्वास जीतने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक जिले में स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर आदर्श विकास मॉडल तैयार करने को कहा।

प्रमुख योजनाओं पर मुख्यमंत्री के मुख्य दिशा-निर्देश:

  • विकसित भारत जी राम जी योजना: 1 जुलाई से लागू इस योजना के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, स्थायी परिसंपत्तियों और जल संरक्षण व ग्रामीण अधोसंरचना के निर्माण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

  • लखपति दीदी से करोड़पति दीदी का लक्ष्य: छत्तीसगढ़ में अब तक 10.40 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। सरकार अब उन्हें स्व-सहायता समूहों, कौशल विकास और नई औद्योगिक नीति से जोड़कर ‘करोड़पति दीदी’ बनाने की दिशा में काम कर रही है।

  • बस्तर में अंतिम छोर तक विकास: बस्तर संभाग के दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं सर्वोच्च प्राथमिकता से पहुँचाने के निर्देश दिए गए।

  • पीएम आवास व पीएम सूर्यघर योजना: प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण में तेजी लाने और प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का पंचायत स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार कर ग्रामीणों को सौर ऊर्जा से जोड़ने पर जोर दिया गया।

हिवड़े बाजार मॉडल और जनभागीदारी की ताकत

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने पद्मश्री पोपटराव पवार के ‘हिवड़े बाजार मॉडल’ का जिक्र करते हुए कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति और जनसहभागिता से किसी भी गांव का कायाकल्प किया जा सकता है। कार्यशाला में मौजूद पोपटराव पवार ने साझा किया कि कैसे जल संरक्षण और अनुशासन से उनके गांव में पलायन खत्म हुआ और प्रति व्यक्ति आय में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई।

बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह सहित प्रदेश के सभी जिलों के जिला पंचायत CEO एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।