उत्तराखंड में लैंडस्लाइड: टिहरी में भारी बारिश के बाद 1,000 लोग फंसे, वायनाड में भूस्खलन से 7 की मौत
देहरादून/वायनाड:
देश के पहाड़ी और तटीय इलाकों में कुदरत का कहर जारी है। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। राज्य के टिहरी और अन्य पहाड़ी इलाकों में भयंकर लैंडस्लाइड (भूस्खलन) का खतरा मंडरा रहा है। इस प्राकृतिक आपदा की वजह से अलग-अलग जगहों पर लगभग 1,000 लोग फंसे हुए हैं, जिन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उत्तराखंड में हाई अलर्ट, सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए लोग
मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश की चेतावनी के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। टिहरी और आसपास के संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन के बढ़ते खतरे को देखते हुए एहतियात के तौर पर कई परिवारों को उनके घरों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया है।
पहाड़ों से लगातार गिर रहे मलबे के कारण कई मुख्य मार्ग और संपर्क सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे राहत और बचाव कार्य में भी बाधा आ रही है। स्थानीय प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें।
केरल के वायनाड में भी तबाही, 7 लोगों की मौत
दूसरी ओर, दक्षिण भारत के केरल राज्य का वायनाड जिला भी इस वक्त भीषण आपदा का सामना कर रहा है। वायनाड में मूसलाधार बारिश के बाद हुए लैंडस्लाइड के कारण दुखद रूप से 7 लोगों की मौत होने की खबर सामने आई है।
बचाव कार्य जारी: केरल में एनडीआरएफ (NDRF) और स्थानीय प्रशासन की टीमें मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। प्रभावित इलाकों में चिकित्सा सहायता और राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
यात्रियों और पर्यटकों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आगामी दिनों में भी इन क्षेत्रों में भारी से अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है। यदि आप उत्तराखंड या केरल के पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने का प्लान बना रहे हैं, तो फिलहाल उसे टाल दें और स्थानीय मौसम अपडेट्स पर पैनी नजर रखें।
