अमेरिका का चाबहार पोर्ट पर हमला: ईरान पर लगातार छठी रात एयरस्ट्राइक, भारत के निवेश वाले कंट्रोल टावर को भारी नुकसान; ट्रंप का बड़ा दावा

अंतर्राष्ट्रीय डेस्क: वैश्विक स्तर पर तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष में एक बेहद बड़ी खबर सामने आ रही है। अमेरिकी सेना ने लगातार छठी रात ईरान पर भीषण एयरस्ट्राइक की है। इस ताजा हमले में इस बार भारत के निवेश वाले रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण चाबहार पोर्ट (Chabahar Port) के कंट्रोल टावर को निशाना बनाया गया है।

चाबहार पोर्ट के कंट्रोल टावर को भारी नुकसान

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस अमेरिकी हमले में चाबहार पोर्ट के मैरीटाइम ट्रैफिक कंट्रोल टावर को भारी नुकसान पहुंचा है। हमले के ठीक बाद के कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया पर सामने आए हैं, जिसमें टावर को क्षतिग्रस्त और ढहते हुए देखा जा सकता है। भारत के लिए यह खबर इसलिए चिंताजनक है क्योंकि चाबहार पोर्ट के विकास और संचालन में भारत ने बड़ा निवेश किया है, जो मध्य एशिया और अफगानिस्तान तक पहुंचने का भारत का मुख्य व्यापारिक मार्ग है।

डोनाल्ड ट्रम्प का सनसनीखेज बयान: चीन पर लगाया डेटा चोरी का आरोप

इस भीषण सैन्य कार्रवाई के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का एक बेहद चौंकाने वाला बयान सामने आया है। ट्रम्प ने एक बार फिर दावा किया है कि 2020 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली हुई थी।

उन्होंने सीधे तौर पर चीन को कटघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाया:

“चीन ने अमेरिका के 22 करोड़ वोटर्स का बेहद संवेदनशील डेटा चुराया था। सबसे गंभीर बात यह है कि देश की खुफिया एजेंसियों के पास यह जानकारी थी, लेकिन उन्होंने जानबूझकर इस सच को छिपाए रखा।”

ट्रम्प के इस बयान के बाद अमेरिकी राजनीति के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नया विवाद खड़ा होने की उम्मीद है। एक तरफ जहां मिडिल ईस्ट में युद्ध के बादल गहरे हो रहे हैं, वहीं अमेरिका के भीतर आंतरिक राजनीतिक खींचतान भी तेज हो गई है।