देश को बड़ी सौगात: पीएम मोदी हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन, प्रदूषण की जगह निकलेगा सिर्फ पानी
नई दिल्ली: भारतीय रेलवे के इतिहास में आज एक नया और स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ ही देर में भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन (India’s First Hydrogen Train) को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इको-फ्रेंडली तकनीक से लैस यह देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच चलाई जाएगी।
इस ऐतिहासिक लॉन्चिंग के साथ ही भारत ग्रीन एनर्जी और पर्यावरण अनुकूल यातायात की दिशा में एक बड़ी छलांग लगाने जा रहा है।
दुनिया का 5वां देश बनेगा भारत
इस सफल लॉन्चिंग के साथ ही भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों की लीग में शामिल हो जाएगा जिनके पास हाइड्रोजन ट्रेन तकनीक है। भारत हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन करने वाला दुनिया का 5वां देश बन जाएगा। इससे पहले जर्मनी, चीन जैसी बड़ी महाशक्तियां इस तकनीक का सफल प्रदर्शन कर चुकी हैं।
प्रदूषण नहीं, साइलेंसर से निकलेगा सिर्फ पानी!
हाइड्रोजन ट्रेन को भविष्य का सबसे सुरक्षित और बेहतरीन ईंधन माना जा रहा है। इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत इसका पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त होना है:
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शून्य उत्सर्जन (Zero Emission): यह ट्रेन पूरी तरह से हाइड्रोजन फ्यूल सेल पर काम करती है।
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नहीं निकलेगा धुआं: पारंपरिक डीजल इंजन की तरह इस ट्रेन से कोई हानिकारक धुआं या प्रदूषण नहीं फैलेगा।
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सिर्फ पानी और भाप: इस ट्रेन के चलने से उप-उत्पाद (Byproduct) के रूप में केवल पानी और भाप उत्सर्जित होगी, जो पर्यावरण को जरा सा भी नुकसान नहीं पहुंचाती।
जींद-सोनीपत रूट से होगी शुरुआत
देश की इस पहली हाइड्रोजन ट्रेन के लिए जींद से सोनीपत रूट को चुना गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस रूट पर हाइड्रोजन ट्रेन के सफल संचालन के बाद देश के अन्य धरोहर और पर्वतीय रेल मार्गों (जैसे कालका-शिमला) पर भी इसे चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की योजना है। यह कदम भारतीय रेलवे के वर्ष 2030 तक ‘नेट जीरो कार्बन उत्सर्जक’ बनने के लक्ष्य को हासिल करने में बेहद मददगार साबित होगा।
