कराची से 400 हिंदू मृतकों की अस्थियां भारत लाई गईं, हरिद्वार में गंगा में विसर्जन होगा

पाकिस्तान के कराची के गोलिमार क्षेत्र के हिंदू श्मशान घाट में वर्षों से रखी 400 हिंदू मृतकों की अस्थियां 3 फरवरी को भारत पहुंची। इन अस्थियों को महाकुंभ के अवसर पर भारत सरकार द्वारा वीजा मिलने के बाद वाघा-अटारी बॉर्डर से लाया गया। यह अस्थियां करीब 8 साल से श्मशान में रखी थीं और परिजन इनका गंगा में विसर्जन करना चाहते थे।

सुरेश कुमार, जिनकी मां की अस्थियां भारत भेजी गईं, ने बताया कि उन्होंने महाकुंभ का इंतजार किया था, जो हर 144 साल में एक बार आता है, और अब वे इन अस्थियों को गंगा में विसर्जित करने के लिए हरिद्वार जा रहे हैं।

भारत पहुंचने से पहले अस्थियों की विशेष प्रार्थना कराची के श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर में हुई थी, जिसके बाद अस्थि कलश यात्रा कैंटोनमेंट रेलवे स्टेशन से ट्रेन के जरिए वाघा बॉर्डर पहुंची।

यह अस्थि विसर्जन भारत भेजने की प्रक्रिया श्रीराम नाथ मिश्रा के प्रयासों से संभव हुई, जिन्होंने पिछले 8 वर्षों से श्मशान घाट में रखी इन अस्थियों को भारत लाने की व्यवस्था की।

अब इन अस्थियों का गंगा में विसर्जन हरिद्वार में किया जाएगा, जहां दो सप्ताह तक मृतकों की आत्मा की शांति के लिए विशेष प्रार्थनाएं की जाएंगी।