टाटा संस की एनुअल जनरल मीटिंग स्थगित: इतिहास में पहली बार कोरम पूरा न होने के कारण टली बैठक

मुंबई: भारतीय कॉर्पोरेट जगत की सबसे बड़ी होल्डिंग कंपनियों में शामिल टाटा संस (Tata Sons) की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) मंगलवार को अनिवार्य कोरम (Quorum) पूरा न हो पाने के कारण स्थगित कर दी गई। टाटा संस के 100 से भी अधिक वर्षों के इतिहास में यह पहली बार है जब कोरम की कमी की वजह से एजीएम को टालना पड़ा है।
क्यों पूरा नहीं हो पाया कोरम?
टाटा संस के नियमों (Articles of Association) के तहत एजीएम में कम से कम 5 सदस्यों की व्यक्तिगत उपस्थिति आवश्यक होती है। इसके अलावा, इसमें सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) और सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (SDTT) द्वारा संयुक्त रूप से नामित प्रतिनिधि की उपस्थिति अनिवार्य है।
हालांकि, सर रतन टाटा ट्रस्ट पर महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर द्वारा बैठकें करने और प्रमुख फैसले लेने पर रोक लगाई गई है। इस नियामक विवाद के कारण ट्रस्ट अपना प्रतिनिधि नामांकित करने में असमर्थ रहा, जिसके परिणामस्वरूप आवश्यक कोरम पूरा नहीं हो सका।
चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के पुनर्नियोजन पर असमंजस
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन (N. Chandrasekaran) का कार्यकाल फरवरी 2027 में पूरा हो रहा है। इस एजीएम में निदेशक के रूप में उनकी पुनर्नियुक्ति के प्रस्ताव और वित्त वर्ष 2025-26 के वित्तीय परिणामों व डिविडेंड को मंजूरी दी जानी थी।
बैठक स्थगित होने के बाद कानूनी जानकारों का मानना है कि जब तक वैध तरीके से एजीएम आयोजित नहीं हो जाती, तब तक चंद्रशेखरन निदेशक पद पर बने रहेंगे।
निदेशक बोर्ड की स्थिति: मुंबई स्थित बॉम्बे हाउस में आयोजित इस बैठक में चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन भौतिक रूप से उपस्थित थे, जबकि नोएल टाटा वर्चुअली जुड़े। अब बोर्ड आगामी कानूनी परामर्श के बाद एजीएम की नई तारीख तय करेगा।

