‘स्नेह की डोर’ ने जोड़ा भावनाओं का रिश्ता, जवानों की कलाइयों पर सजी बहनों की राखी

रायपुर। रक्षाबंधन से पहले राजधानी रायपुर में आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम ने भाई-बहन के रिश्ते को राष्ट्रसेवा और कर्तव्य के भाव से जोड़ दिया। बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में स्कूली छात्राओं, दिव्यांग बेटियों और महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों ने सेना, केंद्रीय सुरक्षा बलों और पुलिस के जवानों की कलाइयों पर राखी बांधकर उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की।

कार्यक्रम में करीब 800 जवानों ने हिस्सा लिया। सीआईएसएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, सेना और पुलिस के जवानों को बहनों ने रक्षा सूत्र बांधा। इस दौरान जवानों ने भी बहनों की सुरक्षा, सम्मान और रक्षा का संकल्प लिया।

शहीद की पत्नी ने मुख्यमंत्री को बांधी राखी, भावुक हुए विष्णु देव साय

कार्यक्रम का सबसे भावुक पल उस समय आया, जब वर्ष 2017 में रक्षाबंधन से एक दिन पहले नक्सली मुठभेड़ में शहीद हुए उपनिरीक्षक युगल किशोर वर्मा की पत्नी माधुरी वर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधी।

इस आत्मीय क्षण ने पूरे कार्यक्रम को भावुक कर दिया। मुख्यमंत्री ने शहीद युगल किशोर वर्मा के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए कहा कि शहीद परिवारों का त्याग और उनके प्रति समाज की जिम्मेदारी कभी समाप्त नहीं होती। उन्होंने शहीद जवानों के परिवारों के साथ हर परिस्थिति में खड़े रहने की प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राखी का धागा केवल पारिवारिक स्नेह का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह विश्वास, सुरक्षा और अपनत्व का भी संदेश देता है। देश और प्रदेश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले जवानों के परिवार छत्तीसगढ़ के अपने परिवार हैं।

नक्सलवाद के कमजोर पड़ने से बस्तर में विकास की नई उम्मीद

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की निर्णायक कार्रवाई का सबसे बड़ा लाभ बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों को मिल रहा है। शांति की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़ अब विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है।

उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं, जब नक्सली हिंसा के कारण किसी मां को अपना बेटा, किसी बहन को अपना भाई और किसी परिवार को अपना सदस्य नहीं खोना पड़ेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व तथा सुरक्षा बलों के साहस से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर की पहचान अब हिंसा से नहीं, बल्कि उसकी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, पर्यटन, शांति, विकास और नई संभावनाओं से होगी। सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार जैसी सुविधाओं का विस्तार दूरस्थ क्षेत्रों तक किया जा रहा है।

बहनों ने जवानों को बांधी राखी, जवानों ने लिया सुरक्षा का संकल्प

‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में स्कूली छात्राओं के साथ दिव्यांग बेटियां, स्वच्छता दीदियां, ड्रोन दीदियां, लखपति दीदियां और महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्य शामिल हुईं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि घर-परिवार से दूर रहकर कठिन परिस्थितियों में देश और समाज की सुरक्षा करने वाले जवानों को बहनों द्वारा राखी बांधना रक्षाबंधन की भावना को व्यापक अर्थ देता है। जवान देश की सीमाओं और समाज की सुरक्षा के प्रहरी होने के साथ प्रदेश की बहनों के लिए भी भाई का रिश्ता निभाते हैं।

कार्यक्रम में नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले सुरक्षा बलों के जवानों का सम्मान भी किया गया।

महिला सशक्तिकरण को मिल रहा नया विस्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की महिलाओं का स्नेह और विश्वास जनसेवा की उनकी सबसे बड़ी ताकत है। सरकार महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान देने के साथ उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में 2 लाख 42 हजार से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों से करीब 30 लाख महिलाएं जुड़ी हैं। लखपति दीदी अभियान के माध्यम से 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। महिलाओं की बढ़ती आर्थिक भागीदारी अब परिवारों के साथ-साथ गांवों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रही है।

रक्षाबंधन से पहले 68 लाख बहनों को 631 करोड़ रुपये की सौगात

मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना को महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन की महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की सहायता राशि सीधे बैंक खातों में दी जा रही है।

रक्षाबंधन के अवसर पर योजना की 31वीं किस्त के रूप में लगभग 68 लाख महिलाओं के खातों में करीब 631 करोड़ रुपये अंतरित किए जाने की जानकारी भी दी गई। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि प्रदेश की महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हों और अपने परिवार से जुड़े निर्णयों में आत्मविश्वास के साथ भागीदारी निभाएं।

कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने मुख्यमंत्री को भी राखी बांधी और उनके प्रति अपना स्नेह व्यक्त किया।

राष्ट्र की एकता और जवानों के सम्मान का लिया संकल्प

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने तथा वीर जवानों के प्रति सम्मान बनाए रखने का संकल्प दिलाया।

उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा केवल सुरक्षा बलों की जिम्मेदारी नहीं है। प्रत्येक नागरिक को अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करते हुए सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत करना चाहिए। नई पीढ़ी में राष्ट्रसेवा और जवानों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना भी समाज की जिम्मेदारी है।

केदार कश्यप बोले—बस्तर में तेजी से बदल रहा माहौल

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में केंद्रीय सुरक्षा बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के साहस और सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति के परिणामस्वरूप बस्तर में परिस्थितियां बदल रही हैं।

उन्होंने कहा कि नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों ने लंबे समय तक अपनों को खोने का दर्द झेला है। अब सरकार का लक्ष्य शांति और विकास के माध्यम से बस्तर के लोगों को बेहतर भविष्य उपलब्ध कराना है।

रायपुर को मिले पांच नए अभिनव प्रोजेक्ट

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रायपुर जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों की ओर से तैयार पांच अभिनव परियोजनाओं का शुभारंभ किया।

हरित पोषणम्

इस पहल के तहत आंगनबाड़ियों और महिला समूहों को फलदार पौधे तथा सब्जियों के उन्नत बीज उपलब्ध कराकर पोषण वाटिकाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर पौष्टिक खाद्य सामग्री की उपलब्धता बढ़ाना है।

प्रोजेक्ट निरामय

रायपुर जिले के 215 उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के 65,920 विद्यार्थियों की स्वास्थ्य एवं रक्त जांच की जाएगी। आवश्यकता पाए जाने पर संबंधित विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क उपचार की व्यवस्था भी की जाएगी।

तिरंगा शक्ति फेस्ट

इस पहल के माध्यम से हर महीने सामाजिक समरसता, संस्कृति, सुशासन, युवा नेतृत्व और राष्ट्रभावना से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारियों और राष्ट्र निर्माण से जोड़ना है।

रायपुर अनफिल्टर्ड

इस पॉडकास्ट पहल के माध्यम से छत्तीसगढ़ की विभिन्न क्षेत्रों में पहचान बनाने वाली प्रतिष्ठित हस्तियों, कलाकारों और उपलब्धि हासिल करने वाले लोगों के अनुभव और विचार आम लोगों तक पहुंचाए जाएंगे।

प्रोजेक्ट अहिगुण्डिकः

इस परियोजना के माध्यम से जिले के सौंरा (सपेरा) समुदाय के परिवारों को सरकारी योजनाओं और मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। पात्र परिवारों को आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, जॉब कार्ड सहित विभिन्न दस्तावेजों और योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक सुनील सोनी, विधायक पुरंदर मिश्रा, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र कुमार साहू, छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कांवड़िया, महापौर मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह सहित जनप्रतिनिधि, सुरक्षा बलों के अधिकारी-जवान, विद्यार्थी, महिला समूहों की सदस्य और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।