टिकरापारा में बनेगा सात मंजिला आवासीय परिसर, ₹24.60 करोड़ होंगे खर्च

रायपुर। राजधानी के टिकरापारा-संजयनगर क्षेत्र में रायपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) पुराने जर्जर अपार्टमेंट को तोड़कर नया सात मंजिला आवासीय परिसर बनाएगा। करीब 24.60 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। परियोजना के पंजीयन और मंजूरी की प्रक्रिया के तहत इसे रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) के पास भेजा गया है। आरडीए के अनुसार, इसी साल निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी है।

नए परिसर में आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक और दो बीएचके के फ्लैट बनाए जाएंगे। योजना के तहत पुराने अपार्टमेंट के 96 प्रभावित फ्लैट मालिकों को नए आवास उपलब्ध कराने के साथ आम लोगों के लिए भी फ्लैट तैयार किए जाएंगे। इनमें 56 वन बीएचके और 112 टू बीएचके फ्लैट शामिल हैं। इन फ्लैटों की बिक्री के लिए आम नागरिक भी आवेदन कर सकेंगे।

45 साल पुराने अपार्टमेंट की जगह बनेगा नया परिसर

टिकरापारा में आरडीए का पुराना अपार्टमेंट करीब 45 साल पहले बनाया गया था। समय के साथ भवन की हालत जर्जर हो गई थी, जिसके कारण इसे तोड़कर नया निर्माण करने की जरूरत महसूस की गई। शुरुआत में पुराने भवन में रहने वाले लोग इसे तोड़ने के पक्ष में नहीं थे। बाद में प्रभावित रहवासियों को रियायती दर पर नए फ्लैट देने का प्रस्ताव रखा गया, जिस पर सहमति बनने के बाद उन्होंने अपने मकान खाली कर दिए।

आरडीए अधिकारियों के मुताबिक, नए आवासीय परिसर में पुराने फ्लैट मालिकों के पुनर्वास के साथ आम लोगों के लिए भी आवास उपलब्ध होंगे। फ्लैटों की बुकिंग आरडीए की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से शुरू किए जाने की तैयारी है।

पुराने रहवासियों को रियायती दर पर मिलेंगे फ्लैट

योजना के तहत प्रभावित परिवारों को बाजार लागत की तुलना में कम कीमत पर आवास देने का प्रस्ताव है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वन बीएचके फ्लैट की वास्तविक लागत लगभग 18.81 लाख रुपये बताई गई है, जबकि पुराने रहवासियों को यह फ्लैट करीब 10.50 लाख रुपये में उपलब्ध कराने की योजना है। आम लोगों के लिए वन बीएचके और टू बीएचके फ्लैट भी बिक्री के लिए रखे जाएंगे। टू बीएचके फ्लैट की संभावित कीमत 24 से 25 लाख रुपये बताई गई है।

पार्किंग, लिफ्ट और सुरक्षा की होंगी आधुनिक सुविधाएं

नए आवासीय परिसर में रहवासियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बड़ी पार्किंग, लिफ्ट, गार्डन, अग्निशमन व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरों जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। परिसर में सुरक्षा और सुविधाजनक आवागमन पर भी ध्यान दिया जाएगा। आरडीए का उद्देश्य पुराने जर्जर भवन के स्थान पर आधुनिक आवासीय परिसर विकसित करना और प्रभावित परिवारों के साथ आम नागरिकों को भी आवास का विकल्प उपलब्ध कराना है।

जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य

आरडीए के सीईओ अवनीश कुमार शरण के अनुसार, टिकरापारा स्थित पुराने अपार्टमेंट को तोड़कर सात मंजिला नया आवासीय परिसर बनाया जाएगा। इसके लिए टेंडर जारी हो चुका है और परियोजना को पंजीयन के लिए रेरा के पास भेजा गया है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।