स्कूलों के बंद होने का आंकड़ा: देश में हर दिन औसतन 13 स्कूल हो रहे हैं बंद, मध्य प्रदेश सबसे आगे; उच्च शिक्षा में लड़कियों ने मारी बाजी

नई दिल्ली, 10 जुलाई 2026: देश में स्कूली शिक्षा के बुनियादी ढांचे को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, भारत में स्कूलों के बंद होने की रफ्तार तेजी से बढ़ी है। देश भर में हर दिन औसतन 13 स्कूल बंद हो रहे हैं। यह आंकड़ा शिक्षा के क्षेत्र में नीति निर्माताओं और राज्य सरकारों के लिए एक बड़ा चिंता का विषय बन गया है।

अकेले मध्य प्रदेश में बंद हुए सबसे ज्यादा स्कूल

आंकड़ों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि देश भर में बंद हो रहे कुल स्कूलों में से आधे से अधिक स्कूल अकेले एक ही राज्य के हैं। मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा 2,426 स्कूल बंद हुए हैं, जो देश के किसी भी अन्य राज्य की तुलना में सबसे बड़ा आंकड़ा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में छात्रों की घटती संख्या, सरकारी स्कूलों का आपस में विलय (Merger) और बुनियादी सुविधाओं की कमी इसके मुख्य कारण हो सकते हैं।

सकारात्मक खबर: हायर एजुकेशन में लड़कियों की संख्या 42.2% बढ़ी

शुरुआती शिक्षा के स्तर पर स्कूलों के बंद होने की इस निराशाजनक खबर के बीच देश के उच्च शिक्षा (Higher Education) के क्षेत्र से एक बेहद शानदार और सकारात्मक तस्वीर भी सामने आई है।

आंकड़ों के अनुसार, कॉलेज और यूनिवर्सिटी स्तर की उच्च शिक्षा में लड़कियों के नामांकन (Enrollment) में 42.2% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह आंकड़ा यह साफ दर्शाता है कि भले ही प्राथमिक स्तर पर चुनौतियां बरकरार हैं, लेकिन देश की बेटियां उच्च शिक्षा हासिल करने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

क्या है इस बदलाव के मायने?

  • स्कूली शिक्षा में सुधार की जरूरत: विशेषज्ञों के मुताबिक, रोज औसतन 13 स्कूलों का बंद होना यह संकेत देता है कि प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा स्तर पर सरकारी और निजी स्कूलों की मैपिंग व गुणवत्ता में सुधार करने की तत्काल आवश्यकता है।

  • महिला सशक्तिकरण को बूस्ट: उच्च शिक्षा में बेटियों की 42.2% की यह बड़ी ग्रोथ देश के भविष्य के लिए एक बेहतरीन संकेत है। इससे आने वाले समय में वर्कफोर्स (रोजगार) में महिलाओं की