दिल्ली में आप नेता सत्येंद्र जैन पर ACB का शिकंजा: सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट टेंडर घोटाले में पूर्व मंत्री और पूर्व DJB CEO समेत 6 गिरफ्तार

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और दिल्ली के पूर्व जल मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) टेंडर आवंटन में भारी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप में सत्येंद्र जैन तथा पूर्व DJB CEO उदित प्रकाश राय समेत 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है

टेंडर शर्तों में हेरफेर और खास कंपनी को फायदा पहुँचाने का आरोप

ACB के अनुसार, यह मामला दिल्ली में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के अपग्रेडेशन कार्य से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि वर्ष 2022 में जब सत्येंद्र जैन जल मंत्री थे, तब टेंडर प्रक्रियाओं में जानबूझकर ऐसी कठिन और सीमित तकनीकी शर्तें जोड़ी गईं, जिससे अन्य प्रतियोगी बाहर हो जाएं और एक खास टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर कंपनी यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड (Euroteck Environment Pvt. Ltd.) को अनुचित लाभ मिले।

जांच में सामने आया है कि टेंडर जारी करने से पहले प्रस्तावित पायलट स्टडी भी आयोजित नहीं की गई थी और तकनीकी विशिष्टताओं में बदलाव करके सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुँचाया गया।

₹1.52 करोड़ की रिश्वत और मनी ट्रेल

जांच एजेंसी ACB ने खुलासा किया है कि इस घोटाले में रिश्वत और कमीशन का पैसा एएन एंटरप्राइज और सृजनहार जैसी मध्यस्थ संस्थाओं के जरिए रूट किया गया था।

  • पूर्व DJB अधिकारी उदित प्रकाश राय और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों में लगभग ₹1.52 करोड़ की रिश्वत ट्रांसफर की गई, जिसका इस्तेमाल अचल संपत्ति खरीदने के लिए किया गया।

  • इलेक्ट्रॉनिक सबूतों और चैट रिकॉर्ड्स से सरकारी अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच मिलीभगत के साफ संकेत मिले हैं।

गिरफ्तार किए गए 6 आरोपी

ACB द्वारा इस मामले में पूछताछ के बाद गिरफ्तार किए गए लोगों में शामिल हैं:

  1. सत्येंद्र कुमार जैन (पूर्व जल मंत्री, दिल्ली)

  2. उदित प्रकाश राय (पूर्व CEO, दिल्ली जल बोर्ड)

  3. अंकित श्रीवास्तव (पूर्व सलाहकार, DJB)

  4. नागेंद्र यादव (प्रोप्राइटर, M/s AN Enterprises)

  5. राजा कुमार कुर्रा (मालिक, M/s Euroteck Environment Pvt. Ltd.)

  6. पंकज वर्मा (प्रोप्राइटर, M/s Srijanhar)

जांच एजेंसी ACB का बयान: “जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि निजी फर्मों और सार्वजनिक सेवकों की मिलीभगत से टेंडर शर्तों को बदला गया। पूरे मनी ट्रेल और रिश्वत की लेन-देन की गहनता से जांच की जा रही है।”