Red Sea Crisis: लाल सागर संकट के बीच भारत उठा सकता है बड़ा कदम, रूस से कच्चे तेल का आयात बढ़ाने की तैयारी

नई दिल्ली (UPI24 News)। लाल सागर (Red Sea) में मालवाहक जहाजों और टैंकरों पर लगातार हो रहे हमलों के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो रही है। इस भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति में आ रही बाधाओं को देखते हुए भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा बनाए रखने के लिए वैकल्पिक मार्गों के साथ-साथ रूस से कच्चे तेल (Crude Oil) का आयात बढ़ाने पर विचार कर सकता है।

लाल सागर का मार्ग भारत के लिए खनिज तेल और व्यापार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। यहाँ स्थिति बिगड़ने से जहाजों को अफ्रीका के ‘केप ऑफ गुड होप’ मार्ग से घूमकर आना पड़ रहा है, जिससे माल ढुलाई (Freight) का समय और लागत दोनों बढ़ गए हैं।

रणनीति और मुख्य बिंदु:

  • रूस से तेल आयात पर जोर: यूरोपीय और मध्य-पूर्व मार्गों पर बढ़ते जोखिम को देखते हुए भारतीय तेल रिफाइनरी कंपनियां रूस से रियायती दर (Discounted Price) पर अधिक क्रूड ऑयल मंगवा सकती हैं।

  • शिपिंग कॉस्ट में बढ़ोतरी: जहाजों का मार्ग बदलने से यात्रा का समय 10 से 14 दिन बढ़ गया है, जिससे बीमा और ईंधन की लागत में इजाफा हुआ है।

  • ऊर्जा सुरक्षा प्राथमिक उद्देश्य: सरकार का मुख्य ध्यान घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता बनाए रखना और कच्चे तेल की सुगम आपूर्ति सुनिश्चित करना है।