अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय के करीबी टिन्नू यादव सहित 8 गिरफ्तार, SIT जांच में बड़ा खुलासा

अयोध्या: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर से एक बेहद चौंकाने वाला और शर्मनाक मामला सामने आया है। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी (Ram Mandir Donation Theft) का विवाद इस समय पूरे देश में गरमाया हुआ है। मंदिर के दान पात्र से करोड़ों रुपये की चोरी और श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए सोने-चांदी के गबन के आरोप में पुलिस और एसआईटी (SIT) ने बड़ी कार्रवाई की है।

मुख्य घटना और गिरफ्तारियां

इस पूरे मामले में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के बेहद करीबी माने जाने वाले रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने इन सभी को हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश किया है और मामले की तह तक जाने के लिए 14 दिनों की रिमांड की मांग कर रही है।


यह मामला कैसे आया सामने?

राम मंदिर में दान के पैसों की हेराफेरी का यह विवाद कई गंभीर आरोपों के बाद उजागर हुआ:

  • 7 से 7.5 करोड़ रुपये के गबन का आरोप: अयोध्या के पूर्व सपा विधायक पवन पांडे ने सबसे पहले इस मुद्दे को उठाते हुए आरोप लगाया था कि राम मंदिर के चढ़ावे और दान के फंड से करीब 7 से 7.5 करोड़ रुपये का गबन किया गया है।

  • 200 किलो चांदी का विवाद: एक बड़े उद्योगपति और श्रद्धालु ने दावा किया था कि उन्होंने चंपत राय को खुद 200 किलो चांदी दान में दी थी, लेकिन ट्रस्ट की ओर से उन्हें इसकी कोई आधिकारिक रसीद नहीं दी गई।

  • दान के पैसे से आलीशान घर: मुख्य आरोपी टिन्नू यादव पर आरोप है कि उसने मंदिर के दान पेटी के पैसों की चोरी कर बहुत कम समय में एक आलीशान मकान खड़ा कर लिया है।


SIT जांच और CCTV से खुला राज

विवाद और जनआक्रोश बढ़ता देख उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए SIT (Special Investigation Team) का गठन किया था।

  • रंगे हाथों पकड़े गए चोर: ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर राम जन्मभूमि कोतवाली में इस संबंध में FIR दर्ज की गई थी। जब पुलिस और जांच टीम ने मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage) खंगाले, तो दान के पैसों की गिनती के दौरान कुछ लोग नोटों को छिपाते और चोरी करते हुए रंगे हाथों पकड़े गए।

  • इन गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ केस: पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं जैसे 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61, और 3(5) के तहत धोखाधड़ी, अमानत में ख्यानत (Embezzlement) और आपराधिक साजिश का मुकदमा दर्ज किया है।

  • नामजद आरोपी: दर्ज की गई एफआईआर में मुख्य रूप से टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, और मनीष यादव समेत 8 लोगों के नाम शामिल हैं। इस सिंडिकेट में कुछ बैंक कर्मचारी और दान की गिनती करने वाले लोग भी पुलिस के रडार पर हैं।


चोरी के खुलासे से यूपी में राजनीतिक गरमाहट

इस बड़े खुलासे के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में जबरदस्त हड़कंप मच गया है और विपक्ष सरकार पर हमलावर है:

  • विपक्ष का तीखा हमला: समाजवादी पार्टी (SP) और आम आदमी पार्टी (AAP) समेत पूरे विपक्ष ने योगी सरकार और मंदिर ट्रस्ट को आड़े हाथों लिया है। सपा नेताओं ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की है। साथ ही इस पूरे घोटाले की सीबीआई (CBI) या सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच कराने की मांग को लेकर अर्जी दी है।

  • ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर गिर सकती है गाज: सूत्रों के मुताबिक, SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद मंदिर ट्रस्ट के उन बड़े पदाधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है, जिनकी लापरवाही या ढिलाई की वजह से इतनी बड़ी चोरी को अंजाम दिया गया। हालांकि, वर्तमान FIR में सीधे तौर पर चंपत राय का नाम शामिल नहीं है, लेकिन उनके करीबियों की गिरफ्तारी ने उनकी मुश्किलें जरूर बढ़ा दी हैं।