“ईसाई धर्म अपना लो, नहीं तो जान से मार देंगे”: रायपुर में जबरन धर्मांतरण और मारपीट पर पति, सास व ससुर गिरफ्तार

रायपुर। राजधानी रायपुर के तेलीबांधा थाना क्षेत्र से जबरन धर्म परिवर्तन का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक नवविवाहिता ने अपने पति, सास और ससुर पर ईसाई धर्म अपनाने के लिए लगातार दबाव बनाने, मना करने पर बेरहमी से मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है।
पीड़िता की लिखित शिकायत और परिजनों के विरोध के बाद तेलीबांधा पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी पति, सास और ससुर तीनों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया है।
2023 में हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी शादी
शिकायतकर्ता तन्नू पटेल (26 वर्ष) ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2023 में उसका विवाह विनीत सुता के साथ हिंदू रीति-रिवाज से संपन्न हुआ था। शादी के बाद वह तेलीबांधा के सतनामी पारा स्थित ससुराल में रहने लगी। महिला का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही उसका पति विनीत, सास निवेदिता और ससुर अजय सुता उस पर ईसाई धर्म अपनाने के लिए लगातार मानसिक और शारीरिक दबाव बनाने लगे थे।
खाना खाते समय फिर बनाया दबाव, इनकार पर लात-घूंसों से पीटा
पीड़िता के अनुसार, 27 सितंबर की रात करीब 8 बजे जब पूरा परिवार रात का खाना खा रहा था, तब ससुराल वालों ने एक बार फिर उस पर ईसाई धर्म अपनाने की जिद की। तन्नू ने जब अपना धर्म बदलने से साफ इनकार कर दिया, तो आक्रोशित होकर पति, सास और ससुर ने मिलकर उसे लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा।
ससुर बोला- “धर्मांतरण कराने के लिए ही कराई थी बेटे की शादी”
महिला ने अपनी शिकायत में चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि उसके ससुर अजय सुता ने स्पष्ट रूप से कहा कि ‘धर्म परिवर्तन कराने के मकसद से ही अपने बेटे की शादी तुमसे कराई गई है।’ इस दौरान उसका पति और सास उस पर हंस रहे थे। विरोध करने पर पीड़िता को जान से खत्म करने की धमकी भी दी गई।
थाने में शिकायत के बाद तीनों आरोपी गिरफ्तार
घटना के बाद पीड़िता ने तुरंत इसकी जानकारी अपने भाई ललित पटेल, बहन संगीता और परिचितों को दी। इसके बाद हिंदू संगठनों के सदस्यों के साथ तेलीबांधा थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई गई।
तेलीबांधा थाना प्रभारी अजय झा ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है तथा तीनों आरोपियों—पति विनीत, सास निवेदिता और ससुर अजय—को गिरफ्तार कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

