रायपुर कलेक्टर की कड़क समीक्षा बैठक: लंबित पेंशन और पीएम आवास की किश्तें तुरंत जारी करने के निर्देश, ग्रामीण क्षेत्रों में बटेंगे ई-रिक्शा
रायपुर: राजधानी रायपुर में विकास कार्यों को गति देने और जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए प्रशासनिक स्तर पर सख्ती शुरू हो गई है। रायपुर के कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में समय-सीमा (TL) की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में कलेक्टर ने आम जनता से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर कड़े तेवर दिखाते हुए अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
अटकी हुई पेंशन और पीएम आवास की किश्तें तुरंत देने के निर्देश
बैठक में हितग्राही मूलक योजनाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने समाज कल्याण विभाग, सभी नगरीय निकायों और जनपद पंचायतों के अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि पात्र हितग्राहियों के पेंशन मामलों में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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लंबित पेंशन: जितने भी पात्र लोगों के पेंशन मामले अटके हुए हैं, अधिकारी आपस में समन्वय बनाकर उनका तुरंत निराकरण करें।
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पीएम आवास योजना: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिन हितग्राहियों की अगली किश्तें रुकी हुई हैं, उनका भुगतान भी प्रक्रिया पूरी कर शीघ्र अति शीघ्र सुनिश्चित किया जाए।
सड़कों के किनारे होगा व्यापक पौधरोपण, बनेगा जॉइंट प्लान
पर्यावरण संरक्षण और रायपुर शहर को हरा-भरा बनाने के लिए कलेक्टर ने एक बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने उद्योग विभाग और वन विभाग को आपसी समन्वय से एक ‘जॉइंट एक्शन प्लान’ तैयार करने को कहा है। इस योजना के तहत राजधानी की प्रमुख और कनेक्टिंग सड़कों के दोनों किनारों पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण (पौधरोपण) किया जाएगा, जिससे शहर का प्रदूषण कम हो और हरियाली बढ़े।
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मिलेंगे ई-रिक्शा, ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी सुधरेगी
शहर के बाहरी और अर्ध-शहरी/ग्रामीण इलाकों में यातायात व्यवस्था व ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए भी बैठक में रणनीति बनी। कलेक्टर ने श्रम विभाग को निर्देशित किया कि वे पात्र हितग्राहियों की सूची (लिस्ट) को अंतिम रूप दें और जल्द से जल्द ई-रिक्शा वितरण की प्रक्रिया पूरी करें। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के साथ-साथ सुगम परिवहन की सुविधा मिलेगी।
बैठक में ये आला अधिकारी रहे मौजूद
इस हाई-लेवल समीक्षा बैठक में रायपुर के तमाम वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से:
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नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा
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जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन
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अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर
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एडीएम उमाशंकर बंदे
कलेक्टर ने साफ किया है कि समय-सीमा के भीतर कार्यों को पूरा न करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर सीधे जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।
