‘आशीर्वाद का दीया’ से पूरे छत्तीसगढ़ को रोशन करने की तैयारी

‘आशीर्वाद का दीया’ से पूरे छत्तीसगढ़ को रोशन करने की तैयारी, विजय शर्मा ने दिए व्यापक जनभागीदारी के निर्देश

रायपुर, 15 सितंबर 2026। ‘सेवा संकल्प अभियान’ को प्रदेश के गांव-गांव और हर वर्ग तक पहुंचाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने मंगलवार को अटल नगर नवा रायपुर स्थित महानदी भवन से प्रदेश के सभी जिलों के जिला पंचायत अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। बैठक में 17 सितंबर को होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम सहित पूरे अभियान की तैयारियों, गतिविधियों और व्यापक जनभागीदारी को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान को केवल औपचारिक आयोजन के रूप में न देखा जाए, बल्कि इसे समाज के प्रत्येक वर्ग और प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाने का प्रयास किया जाए। उन्होंने कहा कि सेवा, सुशासन और विकसित भारत के संकल्प को जन-जन की भागीदारी से मजबूत करना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि 17 सितंबर को जलने वाले ‘आशीर्वाद के दीयों’ से पूरा छत्तीसगढ़ रोशन होना चाहिए।

हर हितग्राही और नागरिक को अभियान से जोड़ने पर जोर

विजय शर्मा ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ का केंद्र बिंदु प्रदेश का प्रत्येक नागरिक और प्रत्येक हितग्राही होना चाहिए। 17 सितंबर को प्रदेशभर में लोग अपने-अपने घरों और संस्थानों में दीप प्रज्ज्वलित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की राष्ट्रसेवा के प्रति आभार व्यक्त करेंगे। इसी अवसर पर वर्ष 2047 तक विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प भी लिया जाएगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान की गतिविधियां गांव के अंतिम छोर तक पहुंचें। सरकारी योजनाओं के हितग्राहियों के साथ-साथ आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि यह पहल व्यापक जनअभियान का स्वरूप ले सके।

स्कूल, आंगनबाड़ी से लेकर धान खरीदी केंद्रों तक प्रज्ज्वलित होंगे दीप

‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को प्रदेशव्यापी स्वरूप देने के लिए विभिन्न सार्वजनिक और सामुदायिक स्थलों पर सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन की तैयारी की जा रही है। स्कूलों, छात्रावासों, आंगनबाड़ी केंद्रों, शासकीय भवनों, स्वास्थ्य केंद्रों, महतारी सदनों, पीडीएस दुकानों, धान खरीदी केंद्रों, अमृत सरोवरों, अटल चौकों और धार्मिक स्थलों पर दीप जलाए जाएंगे।

प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के घरों में भी ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्ज्वलित किया जाएगा। बिहान से जुड़े स्व-सहायता समूहों की महिलाएं भी कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लेंगी। इसके अलावा पर्यटन स्थलों और अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर भी दीप प्रज्ज्वलन किया जाएगा।

इन सभी गतिविधियों के माध्यम से विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

बस्तर में सेवा, शांति और विकास के संदेश के साथ होगा विशेष आयोजन

बैठक के दौरान विजय शर्मा ने बस्तर संभाग में ‘सेवा संकल्प अभियान’ को विशेष स्वरूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बस्तर में अभियान के माध्यम से सेवा, शांति, विकास और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को मजबूती से सामने लाया जाए।

उन्होंने वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा केंद्रों, सुरक्षा कैंपों और पुनर्वास केंद्रों सहित ऐसे स्थानों पर विशेष दीप प्रज्ज्वलन की व्यवस्था करने को कहा, जहां नक्सल विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण सफलता मिली है या नक्सल हिंसा की बड़ी घटनाएं हुई हैं।

शहीद परिवारों के घरों में भी जलेगा ‘आशीर्वाद का दीया’

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल हिंसा के खिलाफ संघर्ष में अपने प्राणों का बलिदान देने वाले जवानों और नागरिकों के परिवारों को भी अभियान से विशेष रूप से जोड़ा जाए। शहीदों के घरों में दीप प्रज्ज्वलित कर उनके बलिदान को श्रद्धापूर्वक नमन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इन दीपों के माध्यम से बस्तर में शांति, विकास और नक्सल मुक्त क्षेत्र के निर्माण का संकल्प भी व्यक्त किया जाएगा। अभियान के जरिए उन परिवारों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना भी सामने आएगी, जिन्होंने हिंसा के दौर में बड़ी कुर्बानियां दी हैं।

नक्सल मुक्त गांवों में भी पहुंचेगा अभियान का संदेश

विजय शर्मा ने बस्तर संभाग के सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को विशेष तैयारियां करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के साथ-साथ अब नक्सल मुक्त हो चुके गांवों को भी ‘सेवा संकल्प अभियान’ का सक्रिय भागीदार बनाया जाए।

इन गांवों में दीप प्रज्ज्वलन के माध्यम से शांति, विकास और नई उम्मीद की रोशनी को प्रतीकात्मक रूप से प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रमों में स्थानीय ग्रामीणों की भागीदारी प्राथमिकता होनी चाहिए। बस्तर में अभियान की गतिविधियां क्षेत्र में हो रहे बदलाव और विकास की नई दिशा का संदेश देने वाली हों।

गांव से शहर तक सामूहिक संकल्प का रूप ले अभियान

उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ किसी एक स्थान, संस्था या वर्ग तक सीमित नहीं रहना चाहिए। यह पूरे छत्तीसगढ़ की सामूहिक भावना और जनभागीदारी का प्रतीक बने। गांव, शहर, स्कूल, आंगनबाड़ी, खेत-खलिहान, शासकीय संस्थान और आम नागरिक—हर वर्ग इस पहल से जुड़े।

उन्होंने कहा कि जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति विकास की यात्रा में अपनी भागीदारी महसूस करता है, तभी विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प व्यापक जनआंदोलन का रूप ले सकता है। इसी उद्देश्य से अधिकारियों को अभियान की गतिविधियों को स्थानीय स्तर पर प्रभावी और व्यापक बनाने के निर्देश दिए गए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, सचिव भीम सिंह, सचिव रजत बंसल, आयुक्त वीबी जी राम, तारन प्रकाश सिन्हा, संचालक अश्वनी देवांगन सहित प्रदेश के सभी जिलों के जिला पंचायत सीईओ और जनपद पंचायत सीईओ बैठक में शामिल हुए।