PM आवास योजना पर आमने-सामने भूपेश बघेल और विजय शर्मा

रायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर मंगलवार को रायपुर प्रेस क्लब में राजनीतिक बयानबाजी उस वक्त तीखी बहस में बदल गई, जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा एक-दूसरे के सामने आ गए। दोनों नेताओं के बीच आवास योजना के क्रियान्वयन, स्वीकृतियों और पोर्टल को लेकर दावों पर जमकर तकरार हुई।

बहस के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी सरकार के कार्यकाल में आवास निर्माण नहीं होने को लेकर कहा कि इसका राजनीतिक खामियाजा उन्हें चुनाव में भुगतना पड़ा। वहीं विजय शर्मा ने उनके दावों पर सवाल उठाते हुए बार-बार गलत तथ्य पेश नहीं करने की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि बघेल योजना से जुड़े तथ्यों को समझते हुए भी जनता के सामने अलग तस्वीर पेश करने की कोशिश कर रहे हैं।

विजय शर्मा ने गिनाए आवास निर्माण के आंकड़े

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने साय सरकार के कार्यकाल में प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति का ब्यौरा सामने रखा। उन्होंने दावा किया कि सरकार के कार्यकाल में अब तक 11 लाख 75 हजार आवासों का निर्माण पूरा किया जा चुका है।

मंत्री के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025-26 में पूरे देश में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सबसे अधिक आवास छत्तीसगढ़ में बनाए गए। इन आवासों के निर्माण पर राज्य सरकार की ओर से करीब 16 हजार करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। इसके अलावा 3 लाख 65 हजार नए आवासों के निर्माण को मंजूरी दिए जाने की जानकारी भी उन्होंने दी।

कोरोना काल में आवास स्वीकृति को लेकर उठाए सवाल

विजय शर्मा ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के उस तर्क पर भी सवाल उठाया, जिसमें वर्ष 2020-21 में कोरोना महामारी के कारण आवासों की स्वीकृति नहीं मिलने की बात कही जाती है। उन्होंने कहा कि महामारी के दौर में भी देश के दूसरे राज्यों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृतियां जारी होती रहीं।

मंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में गरीब परिवारों के आवास के मामले में पर्याप्त गंभीरता नहीं दिखाई गई। उनके मुताबिक इसका असर चुनाव में भी देखने को मिला और गरीबों के हितों की अनदेखी का कांग्रेस को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा।

पोर्टल बंद होने के दावे पर भी भिड़े दोनों पक्ष

बहस का एक अहम मुद्दा प्रधानमंत्री आवास योजना के पोर्टल को लेकर रहा। पूर्व मुख्यमंत्री के दावों को खारिज करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से पोर्टल बंद किए जाने की बात सही नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता के बीच इस मुद्दे को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा नहीं की जानी चाहिए।

मंत्री ने बताया कि कांग्रेस सरकार के समय मुख्यमंत्री न्याय आवास योजना के पोर्टल के जरिए राशि आवंटित की जा रही थी, जबकि प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रक्रिया अलग थी। उन्होंने दोनों व्यवस्थाओं को एक-दूसरे से जोड़कर देखने पर भी आपत्ति जताई।

स्वीकृति, स्वीकार्यता और निर्माण के आंकड़ों पर सवाल

विजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना में स्वीकृति, हितग्राही की स्वीकार्यता और वास्तविक निर्माण अलग-अलग चरण हैं। उनके मुताबिक इन तीनों प्रक्रियाओं को एक साथ रखकर आंकड़ों की व्याख्या करने से वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं होती।

उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि योजना से जुड़े इन अंतर को जानते हुए भी अलग-अलग आंकड़ों को मिलाकर जनता के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है। दूसरी ओर, भूपेश बघेल ने अपनी सरकार के दौरान आवास निर्माण से जुड़े मुद्दे को स्वीकार करते हुए इसे चुनावी हार से जोड़कर देखा।

प्रेस क्लब में आवास योजना बनी राजनीतिक टकराव का मुद्दा

रायपुर प्रेस क्लब में हुई यह बहस प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर राज्य की सियासत में जारी आरोप-प्रत्यारोप को एक बार फिर सामने ले आई। एक तरफ सरकार ने मौजूदा कार्यकाल में हुए आवास निर्माण और स्वीकृतियों के आंकड़े गिनाए, तो दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार के कार्यकाल से जुड़े सवालों पर अपनी स्थिति रखी।

आवास योजना को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के बीच अब राजनीतिक बहस का केंद्र आवासों की स्वीकृति, निर्माण और योजना के क्रियान्वयन के आंकड़े बन गए हैं।