प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप की बैठक की तैयारी : वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका, व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा पर होगी चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच संभावित दूसरी बैठक की तैयारियां तेज हो गई हैं। कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार, यह बैठक अगले कुछ हफ्तों में हो सकती है, जिसमें यूक्रेन युद्ध, वैश्विक व्यापार सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा और एशिया-प्रशांत क्षेत्र की रणनीतिक स्थिति पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।
इस मुलाकात को मौजूदा वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों के मद्देनज़र अहम माना जा रहा है। अमेरिका और भारत दोनों ही ऊर्जा सुरक्षा, तकनीकी सहयोग और रक्षा साझेदारी को लेकर नए आयाम तय करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
विदेश मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि यह बैठक भारत की वैश्विक मंच पर बढ़ती भूमिका को और सशक्त करेगी। मोदी और ट्रंप के बीच पिछली मुलाकातों में भी आर्थिक सहयोग, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिरता, और आतंकवाद के खिलाफ साझेदारी पर जोर दिया गया था।
राजनयिक सूत्रों के मुताबिक, इस बार वार्ता में ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला, सेमीकंडक्टर निवेश, और हरित तकनीक में संयुक्त निवेश पर भी चर्चा हो सकती है। भारत की प्राथमिकता होगी कि इन विषयों पर अमेरिका के साथ संतुलित और दीर्घकालिक साझेदारी को आगे बढ़ाया जाए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक भारत के लिए राजनयिक संतुलन और रणनीतिक नेतृत्व दिखाने का अवसर होगी। खासतौर पर यूक्रेन संघर्ष के बीच भारत का “शांति और संवाद” पर आधारित रुख अंतरराष्ट्रीय समुदाय में व्यापक रूप से सराहा जा रहा है।
अगर यह बैठक तय होती है, तो यह आने वाले महीनों में भारत-अमेरिका संबंधों के भविष्य की दिशा तय करने वाली साबित हो सकती है।
