भारत में 7,000 किलोमीटर हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनेगा : रेल नेटवर्क आधुनिकीकरण की नई दिशा

नई दिल्ली, 18 अक्टूबर 2025

भारत सरकार ने देश के रेल नेटवर्क को आधुनिक और तेज बनाने की दिशा में महत्वाकांक्षी हाई-स्पीड रेल परियोजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत 7,000 किलोमीटर लंबे हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा, जिस पर ट्रेनें 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी।

रेल मंत्रालय के अनुसार, यह परियोजना देश के प्रमुख महानगरों और औद्योगिक शहरों को जोड़ने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इससे दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद और अहमदाबाद जैसे शहरों के बीच यात्रा समय में 50 से 70 प्रतिशत तक की कमी आएगी।

परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पहले चरण में दिल्ली–मुंबई, मुंबई–अहमदाबाद, दिल्ली–वाराणसी, और चेन्नई–बेंगलुरु–माइसोरे कॉरिडोर पर काम शुरू किया जाएगा। इन रूटों को राष्ट्रीय हाई-स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) द्वारा विकसित किया जाएगा।

रेल मंत्री ने बताया कि हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का निर्माण न केवल तेज परिवहन की दिशा में कदम है, बल्कि यह ‘विकसित भारत 2047’ के विज़न को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा, “हाई-स्पीड ट्रेनें देश के आर्थिक गलियारों को जोड़ेंगी और व्यापार, पर्यटन व रोजगार को नई गति देंगी।”

इस परियोजना में अत्याधुनिक तकनीक, ग्रीन एनर्जी समाधान और स्मार्ट स्टेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर का उपयोग किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले 10 वर्षों में 7,000 किमी रेल नेटवर्क तैयार हो जाए, जिससे भारत दुनिया के शीर्ष हाई-स्पीड रेल नेटवर्क वाले देशों में शामिल हो सके।

विशेषज्ञों के मुताबिक, इस योजना से आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और पर्यावरणीय संतुलन को भी बढ़ावा मिलेगा।