नाइजीरिया में बड़ा सैन्य विमान हादसा: 32 लोगों के साथ नदी में गिरा ATR-42 प्लेन; राष्ट्रपति टिनुबू ने 3 दिन के राष्ट्रीय शोक का किया ऐलान

अबूजा। नाइजीरिया से एक बड़े विमान हादसे की दर्दनाक खबर सामने आई है। नाइजीरियाई वायुसेना का ATR-42 सैन्य विमान सोमवार (5 अक्टूबर 2026) को दुर्घटनाग्रस्त होकर नदी में गिर गया। इस विमान में 25 यात्री और 7 क्रू मेंबर्स समेत कुल 32 लोग सवार थे।
हादसा नाइजीरिया के ओंडो राज्य के तटीय शहर इग्बोकोंडा (Igbokoda) में एक नौसैनिक बेस के पास हुआ। हादसे की गंभीरता को देखते हुए नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला अहमद टिनुबू ने गहरा दुख व्यक्त किया है और देश में 3 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा करते हुए सभी राष्ट्रीय ध्वज आधे झुकाने के आदेश दिए हैं।
कैसे हुआ हादसा?
नाइजीरियाई एविएशन मिनिस्टर फेस्टस कीयामो के अनुसार, यह सैन्य विमान अपने नियमित मिशन पर देश के प्रमुख आर्थिक केंद्र लागोस जा रहा था। local time के अनुसार सुबह लगभग 9:00 बजे विमान का एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और रडार से संपर्क पूरी तरह टूट गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने आसमान में बिजली कड़कने जैसी तेज आवाज सुनी और इसके तुरंत बाद प्लेन को पेड़ों से टकराते हुए तेजी से नदी में गिरते देखा।
रेस्क्यू ऑपरेशन में आ रही हैं भारी चुनौतियां
दुर्घटना के बाद प्लेन का कुछ हिस्सा पानी में समा गया। घटनास्थल पर शवों के अवशेष, यात्रियों के कपड़े और सामान बिखरे मिले हैं। राहत और बचाव दल (Search & Rescue) के सामने कई बड़ी चुनौतियां आ रही हैं:
नदी का तेज बहाव: नदी का तेज पानी विमान के मलबे को दूर बहाकर ले जा रहा है।
कम दृश्यता (Low Visibility): पानी के अंदर दृश्यता बेहद खराब होने के कारण गोताखोरों को मलबे की खोज के लिए ‘सोनार’ (Sonar) उपकरणों का सहारा लेना पड़ रहा है।
फैलता ईंधन: विमान के मलबे से ईंधन का रिसाव होने के कारण गोताखोरों के लिए खतरा बना हुआ है।
ATR-42 विमान की भूमिका
दुर्घटनाग्रस्त ATR-42 मॉडल का इस्तेमाल नाइजीरियाई सेना मुख्य रूप से खुफिया जानकारी जुटाने (Intelligence Gathering), निगरानी (Surveillance), और सैनिकों व रक्षा सामग्री के परिवहन के लिए करती थी।
नाइजीरिया में विमान हादसों का काला इतिहास
नाइजीरिया में पिछले दो दशकों में कई भीषण नागरिक और सैन्य विमान हादसे दर्ज किए जा चुके हैं:
अक्टूबर 2005 (बेलव्यू एयरलाइंस): लागोस में विमान क्रैश होने से 117 लोगों की मौत हुई थी।
दिसंबर 2005 (सोलिसो एयरलाइंस): पोर्ट हारकोर्ट हादसे में कई स्कूली बच्चों सहित 109 लोगों ने जान गंवाई।
अक्टूबर 2006 (ADC एयरलाइंस): अबुजा क्रैश में 114 लोगों की मौत हुई।
जून 2012 (डाना एयर): लागोस के रिहायशी इलाके में plane क्रैश होने से 153 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी।

