नेपाल में कुदरत का कहर: भीषण बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से तबाही, 955 से अधिक मौतें और 7,000 लापता

काठमांडू / नेपाल: नेपाल में पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने विनाशकारी रूप ले लिया है। देश के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन (Floods and Landslides) की वजह से स्थिति अत्यंत गंभीर और चिंताजनक बनी हुई है। बुनियादी ढांचा पूरी तरह तबाह हो चुका है, कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं और पूरा देश एक भीषण प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है।

तबाही का आंकड़ा: 955 की मौत, हजारों बेघर

आपदा प्रबंधन अधिकारियों और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, देश भर में बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 955 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। हजारों लोग अपने घर खोकर बेघर हो चुके हैं और सुरक्षित स्थानों की तलाश में हैं। भूस्खलन की चपेट में आने से कई गांव पूरी तरह मलबे में तब्दील हो चुके हैं, जिससे मरने वालों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका है।

11,000 से अधिक लोगों का रेस्क्यू, 7,000 लापता

राहत और बचाव टीमें लगातार युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं। प्रभावित इलाकों से अब तक 11,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। हालांकि, स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 7,000 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों की तलाश में नेपाली सेना, पुलिस और आपदा मोचन बल की टीमें दिन-रात जुटी हुई हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश और कटे हुए रास्तों के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

जनजीवन अस्त-व्यस्त, सड़कें और बुनियादी ढांचा ठप

नेपाल के राजधानी क्षेत्र काठमांडू सहित बागमती, कोसी और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में राजमार्ग पूरी तरह बंद हो गए हैं। दर्जनों पुल बह गए हैं, बिजली और संचार सेवाएं ठप हैं। कई स्थानों पर पीने के पानी और खाद्य पदार्थों का गंभीर संकट पैदा हो गया है। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन राहत कार्य तेज कर दिए हैं और सहायता शिविर स्थापित किए हैं।