NEET-UG पेपर लीक मामले में CBI का बड़ा एक्शन: लातूर से कोचिंग संचालक गिरफ्तार, NTA सुधारों पर संसद की पैनी नजर
मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी ने इस मामले में एक और बड़ी सफलता हासिल करते हुए महाराष्ट्र के लातूर से एक नामी कोचिंग सेंटर के संचालक को गिरफ्तार किया है।
शुरुआती जांच में जो खुलासा हुआ है, वह बेहद चौंकाने वाला है। सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए कोचिंग संचालक के पास NEET-UG परीक्षा शुरू होने से ठीक 10 दिन पहले ही लीक हुआ प्रश्नपत्र पहुंच चुका था। सीबीआई अब इस बात की कड़ाई से जांच कर रही है कि यह पेपर किस माध्यम से लीक हुआ और इसके पीछे कौन सा बड़ा रैकेट काम कर रहा है।
संसद की समिति (House Panel) भी एक्शन में
एक तरफ जहाँ सीबीआई अपराधियों की धरपकड़ में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की साख और परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर सरकार बेहद गंभीर है। संसद की एक उच्च स्तरीय समिति (House Panel) इस पूरे घटनाक्रम के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी में प्रशासनिक और तकनीकी सुधारों की विस्तृत समीक्षा कर रही है।
इस समीक्षा का मुख्य उद्देश्य भविष्य में होने वाली राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं (जैसे NEET, JEE, CUET) को पूरी तरह से सुरक्षित, फुलप्रूफ और लीक-मुक्त बनाना है। समिति परीक्षा केंद्रों के चयन, प्रश्नपत्रों के डिजिटल लॉकिंग सिस्टम और गोपनीयता से जुड़े कई कड़े नियमों को लागू करने की सिफारिश कर सकती है।
छात्रों और अभिभावकों में इंसाफ की उम्मीद
सीबीआई की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद देश भर के लाखों पीड़ित छात्रों और अभिभावकों में इंसाफ की उम्मीद जगी है। लातूर से हुई इस गिरफ्तारी को इस पूरे रैकेट की कड़ियों को जोड़ने के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है।
