नक्सल प्रभावित परिवारों को मिला नया सहारा, पांच सदस्यों को शासकीय सेवा में नियुक्ति

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, 27 अगस्त 2026। नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों को पुनर्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार की पहल अब रोजगार के अवसरों में भी बदल रही है। नक्सल पुनर्वास नीति के तहत मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के पांच नक्सल पीड़ित परिवारों के पात्र सदस्यों को शासकीय सेवा में नियुक्त किया गया है।

जिला कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर तनुजा सलाम ने नवनियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। उन्होंने सभी को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए बेहतर भविष्य की कामना की।

आश्रम और छात्रावासों में मिली जिम्मेदारी

नवनियुक्त पांचों कर्मचारियों को आदिवासी विकास विभाग के अंतर्गत संचालित आश्रमों और छात्रावासों में भृत्य के पद पर नियुक्ति दी गई है। नियुक्ति पाने वालों में रवि दुग्गा, अजय कुमार सलामे, दिलसाय कोरेटी, समीला पूड़ो और पायल ईश्वर पूड़ो शामिल हैं।

शासकीय सेवा का अवसर मिलने से प्रभावित परिवारों को नियमित आय और आर्थिक स्थिरता का आधार मिलेगा। इससे वे अपनी पारिवारिक आवश्यकताओं को बेहतर तरीके से पूरा करने के साथ बच्चों की शिक्षा और भविष्य को भी सुरक्षित दिशा दे सकेंगे।

पुनर्वास नीति से मजबूत हो रहा भरोसा

नक्सल पुनर्वास नीति का उद्देश्य हिंसा से प्रभावित परिवारों को आर्थिक और सामाजिक रूप से संबल प्रदान करना तथा उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। पात्र हितग्राहियों को शासकीय रोजगार उपलब्ध कराना इसी व्यापक उद्देश्य की महत्वपूर्ण कड़ी है।

शासकीय नौकरी मिलने से प्रभावित परिवारों में स्थायित्व और भविष्य को लेकर भरोसा बढ़ने की उम्मीद है। रोजगार के माध्यम से इन परिवारों को आत्मनिर्भर बनने और सम्मानजनक जीवन की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।

नौकरी के साथ जिम्मेदारी का भी एहसास

कलेक्टर तनुजा सलाम ने नवनियुक्त कर्मचारियों से कहा कि सरकारी सेवा केवल आजीविका का साधन नहीं है, बल्कि जनता और शासन के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम भी है। उन्होंने कर्मचारियों को अपने दायित्वों का ईमानदारी, अनुशासन और पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक कर्मचारी अपने कार्यस्थल पर जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करते हुए आम नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में योगदान दे। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई नौकरी इन परिवारों के वर्तमान को मजबूती देने के साथ उनकी आने वाली पीढ़ियों के लिए भी बेहतर अवसरों का आधार बनेगी।

पुनर्वास से विकास की मुख्यधारा तक

नक्सल प्रभावित परिवारों को रोजगार और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की पहल सामाजिक एवं आर्थिक पुनर्वास को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। शासकीय सेवा के माध्यम से इन परिवारों को स्थिर आय के साथ समाज में सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन जीने का अवसर मिल रहा है।