गुजरात के डेयरी मॉडल से सीख लेकर कबीरधाम में आजीविका के नए अवसर बढ़ाने पर जोर

कवर्धा। कबीरधाम जिले के बिहान स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं और पशुपालकों का गुजरात के बनासकांठा स्थित डेयरी सहकारी संस्थानों का शैक्षणिक भ्रमण उनके लिए नई सीख और अनुभव लेकर आया। भ्रमण से लौटने के बाद बिहान समूह की महिलाओं ने कवर्धा निवास पहुंचकर उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा से मुलाकात की। महिलाओं ने उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए राखी बांधी और गुजरात प्रवास के दौरान हासिल किए अनुभव साझा किए।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने महिलाओं और पशुपालकों से बातचीत कर उनके अनुभव जाने। उन्होंने कहा कि किसी भी शैक्षणिक भ्रमण की सार्थकता तभी है, जब वहां से मिली जानकारी और तकनीक को अपने क्षेत्र में अपनाकर उसका लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने बनासकांठा में देखी गई आधुनिक डेयरी व्यवस्था, पशु प्रबंधन, चारा व्यवस्था, दूध संग्रहण, गुणवत्ता परीक्षण और सहकारी मॉडल को कबीरधाम में अपनाने की दिशा में काम करने का आह्वान किया।

बनासकांठा में समझा डेयरी सहकारिता का प्रभावी मॉडल

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल पर कबीरधाम के 17 बिहान स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और 17 पशुपालकों को गुजरात के बनासकांठा का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। इस दौरान दल ने डेयरी सहकारी संस्थाओं और अमूल के सहकारी मॉडल की कार्यप्रणाली को करीब से समझा।

प्रतिभागियों ने आधुनिक पशुपालन पद्धतियों, पशुओं के संतुलित आहार, चारा उत्पादन एवं प्रबंधन, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उपाय, दूध के संग्रहण और प्रसंस्करण की प्रक्रिया का अवलोकन किया। इसके अलावा दूध की गुणवत्ता जांच, डेयरी उत्पाद तैयार करने तथा उनके बाजार तक पहुंचने की व्यवस्था की भी जानकारी प्राप्त की।

भ्रमण के दौरान छोटे पशुपालकों को सहकारी व्यवस्था से जोड़कर सामूहिक रूप से उनकी आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के तौर-तरीकों को भी समझा गया।

गांवों में नई तकनीक और प्रबंधन पद्धतियां अपनाने की तैयारी

गुजरात से लौटने के बाद बिहान समूह की महिलाओं ने बताया कि बनासकांठा में डेयरी गतिविधियों को केवल पशुपालन तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे ग्रामीण परिवारों की नियमित आय और सामूहिक आर्थिक विकास का माध्यम बनाया गया है।

महिलाओं ने दूध उत्पादकों को बाजार से जोड़ने, गुणवत्ता बनाए रखने और उत्पाद का बेहतर मूल्य प्राप्त करने की व्यवस्थाओं को विशेष रूप से उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि भ्रमण के दौरान मिली जानकारी को अपने गांवों में अन्य महिलाओं और पशुपालकों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि स्थानीय स्तर पर डेयरी गतिविधियों को अधिक व्यवस्थित और लाभकारी बनाया जा सके।

महिलाओं और पशुपालकों की आय बढ़ाने पर फोकस

विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण महिलाओं और पशुपालकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास कर रही है। बिहान स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को संगठित कर उन्हें स्वरोजगार और आजीविका से जोड़ा जा रहा है। इसी तरह पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र में बेहतर तकनीक, प्रबंधन और बाजार से जुड़ाव के माध्यम से आय बढ़ाने की संभावनाओं को मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कबीरधाम के महिलाओं और पशुपालकों का गुजरात भ्रमण महज शैक्षणिक यात्रा नहीं, बल्कि सफल मॉडल को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। बनासकांठा में मिली सीख का प्रभावी उपयोग जिले में दुग्ध उत्पादन, महिला उद्यमिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने में सहायक हो सकता है।