लेआउट से बाहर निर्माण पर नगर निगम की कार्रवाई 40 मकानों को चिन्हित
लेआउट से बाहर निर्माण पर नगर निगम की कार्रवाई, करीब 40 मकानों को किया गया चिन्हित
रायपुर। भाठागांव स्थित रावतपुरा कॉलोनी फेस-2 में बुधवार सुबह नगर निगम की टीम ने निर्माण संबंधी अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। जोन-6 की टीम करीब एक दर्जन बुलडोजर और निगम अमले के साथ मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार कॉलोनी में करीब 40 मकानों का निर्माण स्वीकृत लेआउट से बाहर किए जाने की जानकारी सामने आई थी। निगम का कहना है कि इन निर्माणों के संबंध में संबंधित बिल्डरों और मकान मालिकों को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके थे। नोटिस की प्रक्रिया के बाद बुधवार को मौके पर कार्रवाई शुरू की गई।
जलभराव और मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी मिली थीं शिकायतें
जोन-6 कमिश्नर हितेंद्र यादव के मुताबिक रावतपुरा कॉलोनी क्षेत्र से जलभराव के साथ-साथ पानी, बिजली और नाली से जुड़ी शिकायतें भी निगम को प्राप्त हुई थीं। शिकायतों की जांच के दौरान स्वीकृत लेआउट से बाहर किए गए निर्माण सामने आए। इसके बाद नियमों के तहत कार्रवाई की गई।
निगम अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई के बाद संबंधित बिल्डरों की ओर से लेआउट के बाहर आगे किसी तरह का निर्माण नहीं करने का भरोसा दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार मामले में आगे भी नियमानुसार प्रक्रिया जारी रहेगी।
कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल
नगर निगम की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस नेता एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से कार्रवाई पर रोक लगाने तथा प्रभावित परिवारों के मकानों के नियमितीकरण की मांग की है।
कन्हैया अग्रवाल ने सवाल किया कि यदि संबंधित जमीन का डायवर्सन कराया गया था, उसकी रजिस्ट्री हुई और सरकारी शुल्क जमा करने के बाद लोगों ने जमीन खरीदी, तो बाद में उसी जमीन पर बने मकानों को अवैध निर्माण की श्रेणी में कैसे रखा गया। उन्होंने कृषि भूमि के आवासीय उपयोग की अनुमति और जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए।
प्लाटिंग और निर्माण की अनुमति देने वाले अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग
कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि कॉलोनी में अवैध प्लाटिंग या नियमों के विपरीत निर्माण हुआ है तो इसकी जिम्मेदारी केवल मकान मालिकों पर तय नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने जमीन के डायवर्सन, रजिस्ट्री और निर्माण की अनुमति से जुड़ी पूरी प्रक्रिया की जांच कराने तथा संबंधित अधिकारियों की भूमिका भी तय करने की मांग की है।
फिलहाल रावतपुरा कॉलोनी फेस-2 में नगर निगम की कार्रवाई जारी है। मौके पर निगम के अधिकारी, कर्मचारी और पुलिस बल मौजूद हैं।
