छत्तीसगढ़ में मनरेगा की सांसे थमीं: 12,000 से अधिक कर्मचारियों की हड़ताल आज से शुरू; 4 जुलाई को रायपुर में होगा बड़ा महा-प्रदर्शन
रायपुर, 02 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण विकास और रोजगार व्यवस्था को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राजधानी रायपुर सहित पूरे प्रदेश के 12,000 से अधिक मनरेगा (MGNREGA) कर्मचारियों का पूर्व घोषित चरणबद्ध आंदोलन आज से आधिकारिक रूप से शुरू हो गया है। अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर लामबंद हुए कर्मचारियों के इस कदम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार गारंटी के सारे कामकाज ठप होने की आशंका गहरा गई है।
आंदोलन के पहले दिन आज प्रदेश भर के सभी जनपद स्तरों पर कर्मचारियों द्वारा उग्र प्रदर्शन किया जा रहा है और स्थानीय प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जा रहा है।
क्यों हड़ताल पर गए मनरेगा कर्मचारी? जानिए मुख्य मांगें
मनरेगा कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के मुताबिक, वे लंबे समय से सरकार के सामने अपनी जायज मांगें रख रहे थे, लेकिन कोई ठोस निर्णय न होने के कारण उन्हें आंदोलन की राह चुननी पड़ी। उनकी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
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ग्रेड पे निर्धारण: संविदा और नियमित व्यवस्था के बीच विसंगतियों को दूर करते हुए उचित ग्रेड पे लागू किया जाए।
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एचआर पॉलिसी (HR Policy): विभाग में कार्यरत कर्मचारियों के लिए एक पारदर्शी और सुरक्षित एचआर पॉलिसी का निर्माण हो।
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सामाजिक सुरक्षा: सेवा काल के दौरान सुरक्षा मानकों और भविष्य को ध्यान में रखते हुए सामाजिक सुरक्षा (Social Security) के लाभ दिए जाएं।
आंदोलन का पूरा शेड्यूल: ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ेगी मुश्किल (Table)
कर्मचारियों ने अपने इस आंदोलन को चरणबद्ध रूप में तैयार किया है, जिसकी रूपरेखा नीचे तालिका में दी गई है:
| तारीख / चरण | आंदोलन का स्वरूप | संभावित प्रभाव |
| 02 जुलाई (आज) | जनपद स्तर पर जंगी प्रदर्शन और घेराव | ब्लॉक स्तर पर प्रशासनिक और तकनीकी काम प्रभावित। |
| 03 जुलाई | जिला मुख्यालयों पर रैली और कलेक्टोरेट का घेराव | जिला स्तर पर मनरेगा की मॉनिटरिंग और फाइलें रुकेंगी। |
| 04 जुलाई | राजधानी रायपुर में राज्य-स्तरीय महा-प्रदर्शन | पूरे प्रदेश से हजारों कर्मचारी जुटेंगे, काम पूरी तरह ठप होगा। |
ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा सीधा असर
“हम सरकार का काम रोकना नहीं चाहते, लेकिन हमारी सुरक्षा और नीतिगत मांगों पर पिछले कई सालों से सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। जब तक हमारी मांगों पर लिखित और ठोस निर्णय नहीं होता, हमारा यह चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा और 4 जुलाई को रायपुर में ऐतिहासिक प्रदर्शन होगा।”
— प्रांतीय प्रवक्ता, मनरेगा कर्मचारी महासंघ
चूंकि इस समय ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि कार्यों के साथ-साथ मनरेगा के तहत जल संरक्षण और रोजगार मूलक कार्य तेजी पर हैं, ऐसे में 12 हजार से अधिक तकनीकी सहायकों, कंप्यूटर ऑपरेटरों और रोजगार सहायकों के हड़ताल पर चले जाने से गांवों में मजदूरों के भुगतान से लेकर नए कामों की स्वीकृति के सारे पहिए थम गए हैं।
