जयस्तंभ चौक पर बिना अनुमति गेट-तोरण लगाने पर महापौर सख्त, अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही

रायपुर। राजधानी के प्रमुख सार्वजनिक स्थल जयस्तंभ चौक पर बिना अनुमति तोरण और मुख्य मार्ग पर बड़ा गेट लगाए जाने के मामले में नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर मीनल चौबे ने कड़ा रुख अपनाया है। मामले की जानकारी सामने आने के बाद उन्होंने जोन-4 के अधिकारियों को निगम मुख्यालय बुलाकर पूरे प्रकरण की जानकारी ली और लापरवाही पर नाराजगी जताई।

महापौर ने अधिकारियों से स्पष्ट रूप से पूछा कि नगर निगम की अनुमति के बिना सार्वजनिक स्थल और व्यस्त मुख्य मार्ग पर अस्थायी संरचना कैसे स्थापित कर दी गई। उन्होंने कहा कि शहर में किसी भी आयोजन या गतिविधि के लिए निर्धारित नियमों का पालन अनिवार्य है। नियमों से किसी को भी छूट नहीं दी जा सकती।

यातायात और नागरिक सुरक्षा से समझौता नहीं

महापौर मीनल चौबे ने कहा कि जयस्तंभ चौक शहर का महत्वपूर्ण सार्वजनिक और यातायात केंद्र है। यहां मुख्य मार्ग पर बड़ा गेट लगाए जाने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के साथ आम नागरिकों की सुरक्षा और आवागमन में भी परेशानी उत्पन्न हो सकती है। ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों को समय रहते निगरानी और कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।

उन्होंने निर्देश दिए कि सीसीटीवी कैमरों की मदद से गेट और तोरण लगाने वाले व्यक्ति या संस्था की पहचान की जाए। इसके बाद नगर निगम के नियमों के तहत संबंधितों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करते हुए पूरे मामले की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

सार्वजनिक स्थानों पर मनमानी नहीं चलेगी

महापौर ने कहा कि सार्वजनिक स्थल सभी नागरिकों के लिए हैं और इन्हें किसी निजी आयोजन के लिए मनमाने तरीके से इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। आयोजन की अनुमति के नाम पर यातायात बाधित करना या सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित करना स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कार्रवाई केवल कागजी औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था बनाई जाए।

प्रमुख चौक-चौराहों पर बढ़ाई जाएगी निगरानी

महापौर ने जोन अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील सार्वजनिक स्थलों की नियमित निगरानी करने को कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि बिना अनुमति लगाए जाने वाले गेट, तोरण अथवा किसी भी प्रकार की अस्थायी संरचना की तत्काल जांच की जाए और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

उन्होंने दोहराया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के साथ-साथ अपनी जिम्मेदारी निभाने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाएगी।