माड़ क्षेत्र में तिरंगे का खौफ: स्वतंत्रता दिवस पर उस जगह नहीं फहराया गया राष्ट्रध्वज, जहां शिक्षक की हुई थी हत्या
रायपुर/बस्तर (17 अगस्त 2026): छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित माड़ क्षेत्र में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर माओवादियों के खौफ की एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। जिस स्थान पर पूर्व में ध्वजारोहण करने के कारण एक स्थानीय शिक्षक की नक्सलियों द्वारा निर्मम हत्या कर दी गई थी, वहां इस वर्ष भी ग्रामीणों ने तिरंगा फहराने से साफ इनकार कर दिया।
नक्सलियों की दहशत से सहमे ग्रामीण
प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रशासन और सुरक्षा बलों द्वारा सुदूर इलाकों में तिरंगा फहराने के प्रयासों के बावजूद माड़ क्षेत्र के इस संवेदनशील गांव में सन्नाटा पसरा रहा।
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घटना की पृष्ठभूमि: बीते वर्षों में स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रध्वज फहराने को लेकर नक्सलियों ने गांव के एक शिक्षक की हत्या कर दी थी। माओवादी इस क्षेत्र में ध्वजारोहण और सरकारी कार्यक्रमों का बहिष्कार करने के लिए ग्रामीणों पर दबाव बनाते रहे हैं।
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ग्रामीणों का इनकार: शिक्षक की हत्या के बाद से गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। किसी भी अप्रिय घटना और नक्सलियों के प्रतिशोध के डर से ग्रामीणों ने इस बार भी 15 अगस्त को ध्वजारोहण करने से मना कर दिया।
सुरक्षा बल अलर्ट पर, विकास कार्यों से विश्वास बहाल करने की कोशिश
यद्यपि बस्तर और माड़ संभाग के कई नए सुरक्षा कैंपों (सेवा डेरा) और नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत आने वाले गांवों में इस वर्ष रिकॉर्ड तिरंगा यात्राएं निकाली गईं और राष्ट्रध्वज फहराया गया, लेकिन अति-संवेदनशील अंदरूनी इलाकों में नक्सली खौफ पूरी तरह खत्म करना अभी भी चुनौती बना हुआ है।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा तंत्र को मजबूत किया जा रहा है और दूरस्थ इलाकों में सुरक्षा कैंप स्थापित कर ग्रामीणों में सुरक्षा का भाव पैदा करने का प्रयास जारी है, ताकि भविष्य में हर नागरिक बिना किसी डर के राष्ट्रीय पर्व मना सके।
