NEET पेपर लीक विवाद: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का 32वां दिन, CJP फाउंडर बोले– ‘बात करने खुद आए सरकार’, सोनम वांगचुक को मेदांता शिफ्ट करने का आदेश
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक मामले को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) का आंदोलन और अनशन मंगलवार को 32वें दिन में प्रवेश कर गया। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने बातचीत के नाम पर उनके प्रतिनिधियों को बुलाकर केवल समय बर्बाद किया है और उन्हें बंधक जैसी स्थिति में रखा।
“अब बातचीत के लिए नहीं जाएंगे, सरकार खुद आए”
अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि सरकार ने उनके प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया, उनके मोबाइल फोन जब्त कर लिए और एक तरह से जेपी नड्डा के आवास पर नजरबंद कर दिया।
उन्होंने स्पष्ट किया:
“अब हम सरकार से दोबारा बातचीत करने कहीं नहीं जाएंगे। अगर सरकार वाकई गंभीर है तो उसे खुद जंतर-मंतर पर आकर बात करनी होगी।”
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि पुलिस और प्रशासन के रवैये को देखते हुए फिलहाल छात्रों की सुरक्षा के मद्देनजर संसद मार्च स्थगित किया गया है।
दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: सोनम वांगचुक मेदांता शिफ्ट होंगे
इधर, 24 दिनों से अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत के बीच दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा आदेश आया है। गीतांजलि अंगमो की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को सोनम वांगचुक को इलाज के लिए मेदांता अस्पताल शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं।
सोमवार को ही सोनम वांगचुक ने कहा था कि पुलिस की बर्बरता देखने के बाद वे अपना अनशन जारी रखेंगे।
जंतर-मंतर पहुंचे विपक्षी नेता, NDA बैठक में पीएम का बयान
जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन को विपक्षी दलों का भी भारी समर्थन मिल रहा है। मंगलवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की नेता सुप्रिया सुले, शरद पवार और आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल प्रदर्शनकारियों से मिलने जंतर-मंतर पहुँचे।
दूसरी ओर, संसद भवन में हुई NDA संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रुख साफ करते हुए कहा कि पेपर लीक जैसे संवेदनशील मामले पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और इसमें शामिल दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।
