अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस: अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) में प्राकृतिक कॉरिडोर से सुधरी बाघों की आबादी

रायपुर: 29 जुलाई यानी ‘अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस’ (International Tiger Day) के अवसर पर छत्तीसगढ़ के वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बेहद सुखद खबर सामने आई है। ताज़ा जारी अपडेट के अनुसार, राज्य के प्रसिद्ध ‘अचानकमार टाइगर रिजर्व’ (ATR) में बाघों की आबादी में सकारात्मक सुधार और बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

प्राकृतिक कॉरिडोर का मिला बड़ा लाभ

वन विभाग और वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, अचानकमार टाइगर रिजर्व को अन्य पड़ोसी जंगलों और कान्हा टाइगर रिजर्व से जोड़ने वाले प्राकृतिक कॉरिडोर (Natural Corridor) का बाघों की संख्या बढ़ाने में अहम योगदान रहा है। इस कॉरिडोर के माध्यम से बाघों की निर्बाध आवाजाही (Movement) संभव हो पा रही है, जिससे उनके प्राकृतिक प्रजनन और संरक्षण में काफी मदद मिली है।

संरक्षण प्रयासों का दिख रहा असर

अचानकमार टाइगर रिजर्व में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, अवैध शिकार पर लगाम और कोर एरिया में मानव हस्तक्षेप को कम करने के प्रयासों के परिणाम अब धरातल पर दिखाई दे रहे हैं। बाघ दिवस पर आए इस अपडेट से न केवल वन विभाग का उत्साह बढ़ा है, बल्कि छत्तीसगढ़ में इको-टूरिज्म और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में भी एक नया अध्याय जुड़ा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह प्राकृतिक आवासों और कॉरिडोर को सुरक्षित रखा गया, तो आने वाले समय में अचानकमार टाइगर रिजर्व मध्य भारत में बाघों का एक प्रमुख और समृद्ध केंद्र बनकर उभरेगा।