डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर: पहली बार 96.18 तक पहुंची गिरावट
May 18, 2026 upi24 news
विदेशी बाजार के दबाव और वैश्विक आर्थिक संकेतों के बीच भारतीय मुद्रा में बड़ी कमजोरी
नई दिल्ली, 18 मई 2026।
भारतीय अर्थव्यवस्था से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया पहली बार गिरकर 96.18 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। रुपए में आई इस ऐतिहासिक गिरावट ने बाजार और आर्थिक हलकों में चिंता बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक आर्थिक दबाव, डॉलर की मजबूती और विदेशी निवेश निकासी जैसे कई कारणों से भारतीय मुद्रा पर दबाव बढ़ा है।
डॉलर की मजबूती का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर लगातार मजबूत बना हुआ है। इसके चलते उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं पर दबाव देखा जा रहा है। भारतीय रुपया भी इसी वैश्विक ट्रेंड से प्रभावित हुआ है।
जानकारों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों का भी रुपए की स्थिति पर सीधा असर पड़ रहा है।
आम लोगों पर क्या होगा असर?
रुपये में गिरावट का असर कई क्षेत्रों पर पड़ सकता है। खासतौर पर —
- आयात महंगा हो सकता है
- पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है
- विदेश यात्रा और विदेशी शिक्षा महंगी हो सकती है
- इलेक्ट्रॉनिक सामान और अन्य आयातित वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं
हालांकि, निर्यात क्षेत्र को इससे कुछ राहत मिल सकती है क्योंकि भारतीय उत्पाद वैश्विक बाजार में अपेक्षाकृत सस्ते हो जाते हैं।
बाजार की नजर RBI पर
अब बाजार की नजर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और केंद्र सरकार के अगले कदमों पर टिकी हुई है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यदि रुपए में गिरावट का सिलसिला जारी रहा तो केंद्रीय बैंक हस्तक्षेप कर सकता है।
आर्थिक विश्लेषकों के मुताबिक, आने वाले दिनों में वैश्विक बाजार और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां भी रुपए की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

