भारी बारिश और बाढ़ का अलर्ट: मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में मूसलाधार आफत, उफान पर नदियां
नई दिल्ली: देश के मध्य और उत्तरी हिस्सों में मानसून अपने विकराल रूप में नजर आ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई जिलों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
मध्य प्रदेश: उफान पर नर्मदा और चंबल, कई जिलों में स्कूल बंद
मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रायसेन और सीहोर समेत कई जिलों में रातभर से तेज बारिश का दौर जारी है। डिंडौरी और नर्मदापुरम में नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी पुलों के ऊपर से बह रहा है। लगातार हो रहे जलभराव को देखते हुए प्रशासन ने कई प्रभावित जिलों में स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। SDRF और स्थानीय राहत टीमों को अलर्ट पर रखा गया है।
उत्तर प्रदेश: गंगा-यमुना समेत 10 नदियां खतरे के निशान के पास
उत्तर प्रदेश में गंगा, यमुना, शारदा और सरयू जैसी प्रमुख नदियां उफान पर हैं। वाराणसी, फर्रुखाबाद और बिजनौर में नदी का पानी तटवर्ती इलाकों और सड़कों तक पहुंच गया है। वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से घाटों का संपर्क आपस में टूट गया है और सुरक्षा के लिहाज से तटवर्ती क्षेत्रों में आवाजाही सीमित कर दी गई है। ग्रामीण इलाकों में फसलों को काफी नुकसान होने की आशंका है।
राजस्थान: हाड़ौती और मेवाड़ अंचल में बिगड़े हालात
राजस्थान के कोटा, बूंदी, झालावाड़ और बाड़मेर जिलों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है। बांधों में पानी की आवक तेजी से बढ़ने के कारण कालीसिंध और छापी बांधों के गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है। कई कस्बों और बस्तियों में 2 से 3 फीट तक पानी भर गया है, जिससे जिला प्रशासन ने निचले इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
मौसम विभाग की चेतावनी और राहत कार्य
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बने कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure System) के कारण अगले 48 घंटों तक इन राज्यों में मानसूनी गतिविधियां तीव्र बनी रहेंगी। आपदा प्रबंधन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे उफनते नदी-नालों के पास न जाएं और केवल आधिकारिक दिशा-निर्देशों का ही पालन करें।
