अमित शाह के दौरे से पहले खाद्य विभाग का आदेश वायरल, राज्योत्सव में अफसरों-कर्मचारियों के साथ राशन दुकान संचालकों की भी अनिवार्य हाजिरी!
रायपुर जिला खाद्य नियंत्रक के आदेश से मचा हड़कंप, 3 नवंबर को शाम 4 से 7 बजे तक कार्यक्रम में मौजूद रहने के निर्देश; कांग्रेस ने लगाया सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह से पहले रायपुर जिला खाद्य विभाग का एक आदेश इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के रायपुर दौरे और राज्योत्सव के समापन कार्यक्रम के बीच खाद्य विभाग की ओर से जारी आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस आदेश में विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ-साथ शासकीय उचित मूल्य की राशन दुकानों के अध्यक्षों, संचालकों और विक्रेताओं को भी कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, खाद्य नियंत्रक, रायपुर की ओर से 2 नवंबर को जारी आदेश में कहा गया है कि 3 नवंबर को आयोजित राज्योत्सव के शासकीय कार्यक्रम में विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारी शाम 4 बजे से 7 बजे तक अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को आपसी समन्वय से निर्धारित दायित्वों का निर्वहन करने तथा कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में सहयोग देने के निर्देश दिए गए हैं।
राशन दुकान संचालकों को भी क्षेत्रीय खाद्य निरीक्षक के सामने होना होगा उपस्थित
इस आदेश की सबसे चर्चित बात यह है कि इसमें केवल सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से जुड़े राशन दुकान संचालकों को भी शामिल किया गया है। आदेश के अनुसार, शासकीय उचित मूल्य दुकानों के अध्यक्ष, संचालक और विक्रेताओं को अपने-अपने क्षेत्र के खाद्य निरीक्षक के समक्ष निर्धारित समय पर उपस्थित होना होगा।
आदेश सामने आने के बाद विभागीय हलकों में चर्चा तेज हो गई है। सवाल उठ रहे हैं कि राज्योत्सव जैसे सार्वजनिक आयोजन में राशन दुकान संचालकों की उपस्थिति को अनिवार्य करने की आवश्यकता क्यों पड़ी और इसके पीछे विभागीय व्यवस्था का उद्देश्य क्या है।
कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना, भीड़ जुटाने के लिए दबाव बनाने का आरोप
खाद्य विभाग का आदेश वायरल होने के बाद कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि राज्योत्सव के समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने को लेकर सरकार को कार्यक्रम में पर्याप्त भीड़ जुटने की चिंता है। इसी वजह से सरकारी विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों और राशन दुकान संचालकों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता को लगता है कि छत्तीसगढ़ महतारी और प्रदेश की संस्कृति का अपमान हुआ है। ऐसे में लोग राज्योत्सव के कार्यक्रम में जाने से परहेज कर सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भीड़ जुटाने के लिए सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है।
कांग्रेस नेता ने यह भी दावा किया कि केवल खाद्य विभाग ही नहीं, बल्कि पंचायत और शिक्षा विभाग में भी इस तरह के आदेश जारी किए गए हैं। उनके मुताबिक, सरकारी कर्मचारियों और राशन दुकान संचालकों की उपस्थिति अनिवार्य करना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है।
आज राज्योत्सव का समापन, अमित शाह होंगे शामिल
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्योत्सव का आज समापन समारोह आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रायपुर पहुंचकर कार्यक्रम में शामिल होंगे। राज्योत्सव के उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया भी शामिल हुए थे।
समापन समारोह से पहले खाद्य विभाग का आदेश चर्चा में आने के बाद अब राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। जहां कांग्रेस इसे सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का मामला बता रही है, वहीं आदेश जारी करने के पीछे विभागीय प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल इस पूरे मामले में खाद्य विभाग की ओर से आदेश के उद्देश्य और राशन दुकान संचालकों की अनिवार्य उपस्थिति को लेकर विस्तृत स्पष्टीकरण सामने आना बाकी है। राज्योत्सव के समापन समारोह के बीच यह मामला प्रशासनिक और राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है।
