यूरोप में कुदरत का कहर: फ्रांस सहित 26 देशों में भीषण हीटवेव, बंद करने पड़े न्यूक्लियर प्लांट, शराब पर भी लगी रोक
पेरिस / बर्लिन: यूरोप महाद्वीप इस समय जलवायु परिवर्तन के सबसे खतरनाक दौर से गुजर रहा है। फ्रांस सहित यूरोप के 26 देश इस समय भयंकर हीटवेव (लू) की चपेट में हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि कई देशों में रेड अलर्ट जारी किया गया है और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
फ्रांस में इतिहास की सबसे गर्म रात, बंद करने पड़े परमाणु प्लांट
फ्रांस में मौसम विभाग ने अब तक की सबसे गर्म रात दर्ज की है, जिसने पिछले कई दशकों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अत्यधिक गर्मी और नदियों का तापमान बढ़ने के कारण फ्रांस को एहतियातन अपने कई न्यूक्लियर पावर प्लांट (परमाणु ऊर्जा संयंत्र) बंद करने पड़े हैं। दरअसल, परमाणु रिएक्टरों को ठंडा रखने के लिए नदियों के पानी का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन नदियों का जलस्तर घटने और पानी गर्म होने के कारण रिएक्टर्स को चालू रखना खतरनाक साबित हो सकता था।
पब्लिक प्लेस में शराब पीने पर प्रतिबंध
गर्मी के कारण होने वाले डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) और हीट स्ट्रोक के मामलों को देखते हुए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। फ्रांस के कई शहरों में पब्लिक प्लेस (सार्वजनिक स्थानों) पर शराब पीने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस भीषण गर्मी में अल्कोहल का सेवन स्वास्थ्य के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
यूरोप के अन्य देश जैसे स्पेन, इटली और जर्मनी में भी तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जिससे अस्पतालों में मरीजों की तादाद लगातार बढ़ रही है।
