दिल्ली में भारी बवाल: संसद के करीब पहुंचे प्रदर्शनकारी, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले; लाठीचार्ज में कई घायल
नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन सोमवार को बेहद उग्र हो गया। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का संसद मार्च भारी सुरक्षा व्यवस्था को भेदते हुए संसद भवन के बिल्कुल करीब पहुंच गया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस को संसद के पास आंसू गैस के गोले दागने पड़े। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संसद के सभी गेट्स पर सुरक्षा व्यवस्था को अत्यधिक कड़ा कर दिया गया है।
मेट्रो स्टेशनों में घुसे आंदोलनकारी, कई हिरासत में
संसद मार्च के दौरान दिल्ली की सड़कों पर भारी अराजकता देखने को मिली। प्रदर्शनकारी राजीव चौक और मंडी हाउस मेट्रो स्टेशनों के भीतर तक प्रवेश कर गए। यही नहीं, कई आंदोलनकारी पुलिस की बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने तक जा पहुंचे, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कई लोगों को हिरासत में ले लिया है।
इससे पहले सुबह करीब 10 बजे पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज में कई प्रदर्शनकारियों के सिर फूटने और घायल होने की खबर है, हालांकि पुलिस ने लाठीचार्ज के दावों से इनकार किया है।
अभिजीत दीपके ने तोड़ी भूख हड़ताल, दी चेतावनी
इस बड़े हंगामे के बीच एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम भी सामने आया है। CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने अचानक अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। हालांकि, अनशन तोड़ने के साथ ही उन्होंने प्रशासन को सख्त अल्टीमेटम दिया है। दीपके ने कहा कि यदि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जल्द जंतर-मंतर नहीं भेजा गया, तो वे दोबारा संसद मार्च के लिए कूच करेंगे।
अस्पताल में वांगचुक की भूख हड़ताल का 23वां दिन
सोनम वांगचुक फिलहाल सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं और आज उनकी भूख हड़ताल का 23वां दिन है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को बकायदा एक पत्र लिखकर मांग की है कि उन्हें तुरंत डिस्चार्ज किया जाए क्योंकि उन्हें संसद मार्च में शामिल होना है। दूसरी ओर, मामले को शांत करने के लिए सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात करने पहुंचे हैं।
