छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर सियासत गर्म: कांग्रेस ने खोला मोर्चा, घर-घर जाकर भरवा रही समर्थन पत्र; मानसून सत्र में घेरेगी सरकार
रायपुर, 19 जून 2026। छत्तीसगढ़ में बिजली बिलों और दरों में की गई बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक पारा पूरी तरह चढ़ गया है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे पर राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरने के साथ ही अब जनता के बीच जाकर सीधा मोर्चा संभाल लिया है।
कांग्रेस का ‘घर-घर’ अभियान, मानसून सत्र में हंगामे के आसार
बिजली की बढ़ी हुई कीमतों के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता अब सीधे आम जनता के दरवाजों तक पहुंच रहे हैं। पार्टी द्वारा घर-घर जाकर नागरिकों से सरकार की इस नीति के खिलाफ ‘समर्थन पत्र’ भरवाए जा रहे हैं। कांग्रेस इस आंदोलन को ब्लॉक और जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक बड़ा रूप देने में जुटी है। इसके साथ ही, आगामी विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान इस मुद्दे पर सरकार को सदन के भीतर और बाहर चौतरफा घेरने की रणनीति तैयार की गई है।
ढाई साल में 4 बार बढ़ी दरें, सरकार बंद करे लूट: पूर्व मंत्री उमेश पटेल
इस मामले में सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कबीरधाम से विधायक दलेश्वर और पूर्व मंत्री उमेश पटेल ने भाजपा सरकार पर जनता को आर्थिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने अपने बयानों में कहा:
“प्रदेश की भाजपा सरकार ने पिछले ढाई साल के कार्यकाल में ही आम जनता पर बोझ डालते हुए 4 बार बिजली की दरें बढ़ा दी हैं। यह सीधे तौर पर जनता की जेब पर डकैती है। सरकार को तत्काल बढ़ी हुई दरें कम करनी चाहिए और विवादों में घिरी स्मार्ट मीटर योजना को पूरी तरह से वापस लेना चाहिए।”
विपक्ष के इन तीखे तेवरों और जनता के बीच चलाए जा रहे इस अभियान के बाद अब यह तय माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में बिजली कटौती और बिजली बिल का मुद्दा छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बड़ा मोड़ लेने वाला है।
