छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ‘ट्री एटीएम’ को दिखाई हरी झंडी, बोले- आज लगाया हर पौधा पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का आधार बनेगा

रायपुर/जशपुर: आमतौर पर ‘एटीएम’ (ATM) सुनते ही लोगों के मन में पैसे निकालने वाली मशीन की तस्वीर आती है, लेकिन छत्तीसगढ़ के जशपुर वन विभाग ने पर्यावरण संरक्षण के लिए एक अनूठी पहल की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के बगिया हेलीपैड परिसर में इस अनोखे मोबाइल ‘ट्री एटीएम’ (Tree ATM) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

यह पहल न केवल आम नागरिकों तक पौधों की आसान पहुंच सुनिश्चित करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता को भी एक नई दिशा देगी।

सीएम साय ने खुद ट्री एटीएम से निकाला ‘आंवले का पौधा’

इस अनूठे मोबाइल ट्री एटीएम के शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने खुद मशीन से आंवले का पौधा प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने वहां उपस्थित लोगों को भी पौधों का वितरण किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह मोबाइल ट्री एटीएम जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में घूम-घूमकर आम लोगों को बिल्कुल निःशुल्क (Free) पौधे बांटेगा, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग पौधरोपण अभियान से सीधे जुड़ सकेंगे।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से मिली प्रेरणा

जशपुर वन विभाग के इस प्रयास की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा:

“प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाअभियान ने पूरे देश में पर्यावरण संरक्षण की एक नई अलख जगाई है। इसी अभियान से प्रेरणा लेकर छत्तीसगढ़ में भी बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जा रहा है। वर्षा ऋतु का यह समय पौधरोपण के लिए सबसे उपयुक्त है, और यह ट्री एटीएम लोगों को विभिन्न प्रजातियों के पौधे आसानी से उपलब्ध कराएगा।”

सीएम साय ने छत्तीसगढ़ की जनता से अपील करते हुए कहा कि पर्यावरण को बचाना हर नागरिक का नैतिक दायित्व है। यदि हर व्यक्ति एक पौधा लगाकर उसके बड़े होने तक उसकी देखभाल की जिम्मेदारी ले, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य तैयार किया जा सकता है।

‘आज का पौधा, आने वाली पीढ़ियों की छांव’

यह मोबाइल ट्री एटीएम ‘आज का पौधा, आने वाली पीढ़ियों की छांव’ के प्रेरक संदेश के साथ रवाना किया गया है। इस अनोखी पहल की खास बात यह है कि यह गाड़ी केवल फ्री में पौधे नहीं बांटेगी, बल्कि पौधा लेने वाले हर नागरिक को इसे लगाने की सही वैज्ञानिक विधि, नियमित देखभाल, सुरक्षा और इसे पेड़ बनाने के तरीकों के बारे में भी जागरूक करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य पौधों को जीवित रखने की दर (Survival Rate) को बढ़ाना है, ताकि यह अभियान दीर्घकालिक रूप से सफल हो सके।