रायपुर: गृहग्राम बगिया में बियासी करने खेत पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, हल चलाकर पुरानी स्मृतियां कीं साझा

रायपुर (UPI24 News)। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का अपनी माटी और खेती-किसानी से गहरा जुड़ाव एक बार फिर जीवंत रूप में सामने आया है। जशपुर जिले स्थित अपने गृहग्राम बगिया में सुबह-सुबह खेत पहुंचे मुख्यमंत्री ने पारंपरिक रूप से बैलों की जोड़ी के साथ हल चलाकर बियासी की। हाथ में हल की मूठ थामे मुख्यमंत्री सहज और एक निष्ठावान किसान की भूमिका में नजर आए।

खेत की मिट्टी की सौंधी सुगंध के बीच मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने गांव और खेत से जुड़ने का सुख अद्भुत होता है। हल थामते ही बचपन की स्मृतियां फिर तरोताजा हो जाती हैं, जो मन को असीम सुकून और नई ऊर्जा से भर देती हैं।

खेती केवल आजीविका नहीं, जीवन का संस्कार मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे एक किसान परिवार से आते हैं और उन्होंने बचपन से कृषि जीवन को बहुत करीब से देखा है। खेती उनके लिए मात्र आजीविका का साधन नहीं, बल्कि जीवन का संस्कार है। गांव और खेतों ने ही उन्हें श्रम का सम्मान करना, प्रकृति के साथ तालमेल बिठाना और अपनी जड़ों से हमेशा जुड़े रहना सिखाया है।

छत्तीसगढ़ की नींव हैं हमारे अन्नदाता प्रदेश की समृद्ध कृषि परंपरा पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान यहां के मेहनतकश किसानों से है। पीढ़ियों से किसान अपने पसीने से धरती को सींचकर प्रदेश की समृद्धि की नींव मजबूत कर रहे हैं। आधुनिकता के इस दौर में भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों और कृषि परंपराओं से जुड़े रहना अत्यंत आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान केवल फसल नहीं उगाता, बल्कि अपने परिश्रम से पूरे समाज और राज्य की अर्थव्यवस्था को संबल प्रदान करता है। प्रदेश के किसानों की खुशहाली ही छत्तीसगढ़ की प्रगति का आधार है। उन्होंने राज्य के सभी अन्नदाता किसानों के परिश्रम को नमन करते हुए उनके जीवन में सुख-समृद्धि और खेतों में लहलहाती फसल की कामना की।