रायपुर : बस्तर के कायाकल्प की योजना लेकर प्रधानमंत्री से मिले सीएम साय

यूरिया प्लांट, ऑल इंडिया आयुर्वेद संस्थान और 461 गांवों में स्थायी बिजली के लिए सहयोग का आग्रह

रायपुर, 31 जुलाई 2026:

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली स्थित संसद भवन में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर राज्य के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने बस्तर के समग्र विकास और कायाकल्प का रोडमैप प्रधानमंत्री के सामने रखा तथा कई प्रमुख परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से विशेष सहयोग का आग्रह किया।


केंद्र सरकार से इन 3 प्रमुख प्रस्तावों पर मांगा सहयोग

  1. राजनांदगांव में ₹10,500 करोड़ का यूरिया प्लांट: प्रस्तावित गैस आधारित यूरिया परियोजना को शीघ्र मंजूरी देने का अनुरोध किया गया। इसके लिए राज्य सरकार ने भूमि उपलब्ध करा दी है और सभी आवश्यक स्वीकृतियां पूरी कर ली हैं।

  2. 461 गांवों में स्थायी ग्रिड कनेक्टिविटी: बस्तर के 461 संवेदनशील गांव, जो वर्तमान में ऑफ-ग्रिड बिजली पर निर्भर हैं, उन्हें स्थायी विद्युत ग्रिड से जोड़ने के लिए विशेष वित्तीय सहायता की मांग की गई।

  3. ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA): रायपुर या बस्तर में राष्ट्रीय स्तर के ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया।


‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुहिम’ से बदल रहा बस्तर

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री को ‘बस्तर विजन’ की जानकारी देते हुए बताया कि बस्तर संभाग के 5,542 गांवों में सरकारी योजनाओं का व्यापक क्रियान्वयन हो रहा है, जिससे लगभग 39 लाख लोग सीधे लाभान्वित हो रहे हैं।

  • शिक्षा में सुधार: बंद पड़े 421 स्कूलों को फिर से शुरू किया गया है। दंतेवाड़ा की तर्ज पर ओरछा और जगरगुंडा में नई एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है।

  • स्वास्थ्य सेवाएं: ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत 34 लाख से अधिक लोगों की जांच की गई है। जगदलपुर में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और गीदम में मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं।

  • कनेक्टिविटी व सिंचाई: ₹3,513 करोड़ की जगदलपुर-रावघाट रेललाइन पर काम जारी है। इसके साथ ही इंद्रावती नदी पर proposed बैराज परियोजना से 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा मिलेगी।


₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव और देश का पहला ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026’

मुख्यमंत्री ने बताया कि नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू होने के बाद राज्य को लगभग ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। छत्तीसगढ़ में पहली बार सेमीकंडक्टर प्लांट, AI डेटा सेंटर, हाइपरस्केल डेटा सेंटर और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे भविष्य के उद्योगों में निवेश आ रहा है।

  • इन्वेस्टमेंट इंडेक्स में नंबर-1: नीति आयोग के इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स में छत्तीसगढ़ को नियामकीय सुगमता के लिए देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।

  • ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026: छत्तीसगढ़ देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने जोखिम-आधारित नियामकीय व्यवस्था और सेल्फ-सर्टिफिकेशन को कानूनी रूप दिया है।

  • ₹500 करोड़ का AI Mission: राज्य सरकार एआई आधारित सुशासन के लिए ₹500 करोड़ का विशेष मिशन चला रही है।


10.42 लाख महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’, PM मोदी को रायपुर का निमंत्रण

महिला सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ ने निर्धारित लक्ष्य से आगे बढ़कर 10.42 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बना दिया है, और अब 14 लाख अन्य महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री श्री साय ने वर्ष 2027 में रायपुर में प्रस्तावित ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।