रक्षाबंधन से पहले मातृशक्ति को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का उपहार, 67 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में पहुंची 631 करोड़ रुपये से अधिक की राशि
बालोद/रायपुर। रक्षाबंधन से पहले बालोद जिले के डौंडीलोहारा में आयोजित महतारी वंदन सम्मान समारोह मातृशक्ति के सम्मान और महिला सशक्तीकरण का भावपूर्ण अवसर बना। लाल रघुवीर सिंह स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश की 67 लाख 28 हजार 918 महिलाओं के बैंक खातों में महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में 631 करोड़ 38 लाख 37 हजार 700 रुपये की राशि अंतरित की। इनमें बालोद जिले की 2 लाख 45 हजार 28 हितग्राही महिलाएं भी शामिल हैं।
रक्षाबंधन के अवसर से पहले मुख्यमंत्री ने प्रदेश की माताओं-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महिलाओं के चेहरे की मुस्कान, उनका आत्मविश्वास और उनका आशीर्वाद सरकार के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं से आत्मीय संवाद किया और महतारी वंदन योजना से उनके जीवन में आए बदलावों के अनुभव भी सुने।
रक्षाबंधन से पहले बहनों के खातों में पहुंची किस्त
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सावन के पावन महीने और रक्षाबंधन से पहले मातृशक्ति के सम्मान में आयोजित इस कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए विशेष अवसर है। उन्होंने बताया कि त्योहार को ध्यान में रखते हुए सितंबर माह की किस्त निर्धारित समय से पहले ही 25 अगस्त को हितग्राहियों के खातों में अंतरित की गई, ताकि बहनें रक्षाबंधन का पर्व और अधिक उत्साह के साथ मना सकें।
उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं है। नियमित आर्थिक सहयोग ने महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाया है और उन्हें परिवार की जरूरतों से जुड़े निर्णयों में अधिक सक्षम बनाया है। महिलाएं इस राशि का उपयोग स्वास्थ्य, पोषण, बच्चों की पढ़ाई, बचत और छोटे व्यवसाय सहित विभिन्न आवश्यकताओं के लिए कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं के खातों में लगभग 20 हजार करोड़ रुपये की राशि पहुंचाई जा चुकी है।
हितग्राही महिलाओं ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने योजना की पांच हितग्राही महिलाओं से सीधे बातचीत की। महिलाओं ने बताया कि नियमित रूप से मिलने वाली सहायता राशि ने उनकी घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का भरोसा दिया है।
महिलाओं के अनुभव सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना की सार्थकता तभी है, जब इसका लाभ महिलाओं के जीवन में वास्तविक बदलाव लाए। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि प्रदेश की प्रत्येक माता और बहन आत्मनिर्भर बने, अपने निर्णय स्वयं ले और अपने परिवार के भविष्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।
लखपति दीदी और ड्रोन दीदी बन रहीं आत्मनिर्भरता की मिसाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिए प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों और स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप संचालित प्रयासों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ में अब तक लक्ष्य से अधिक 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं कृषि, उद्यम, प्रसंस्करण और अन्य आजीविका गतिविधियों के माध्यम से अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं। वहीं ड्रोन दीदी जैसी पहल के माध्यम से महिलाएं आधुनिक तकनीक से जुड़कर कृषि क्षेत्र में सेवाएं दे रही हैं और आय के नए अवसर तैयार कर रही हैं।
बालोद जिले को मिली विकास कार्यों की सौगात
महतारी वंदन सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बालोद जिले के लिए लगभग 102 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया।
उन्होंने नगर पंचायत डौंडीलोहारा में सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम निर्माण की घोषणा की। इसके अलावा खरखरा जलाशय में लिफ्ट इरिगेशन, खरखरा जलाशय की पूरक नहर के जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण तथा धनगांव जलाशय में शीर्ष कार्य, वियर और नहर रिमॉडलिंग-लाइनिंग से संबंधित कार्यों की भी घोषणा की।
डौंडीलोहारा में मस्जिद चौक से शास्त्री नगर मार्ग पर पुलिया निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपये तथा डौंडीलोहारा विकासखंड में संबलपुर से भीमकन्हार-मुड़िया मार्ग के निर्माण के लिए लगभग 19 करोड़ रुपये के कार्यों की घोषणा की गई।
इसके साथ ही उमरादाह-निपानी मार्ग, अर्जुंदा-ओड़ारसकरी मार्ग और बालोद-पिकरीपार मार्ग सहित विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया गया।
जनकल्याणकारी योजनाओं से मजबूत हो रहा विकास का आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार गरीब, किसान, महिला, युवा और जनजातीय समाज सहित सभी वर्गों के समग्र विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, किसानों के हित में धान खरीदी, तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए समर्थन मूल्य तथा भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए संचालित योजनाओं से बड़ी संख्या में परिवारों को आर्थिक संबल मिला है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था से जुड़े कार्यक्रमों को भी सरकार प्रोत्साहित कर रही है। रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के श्रद्धालुओं को अयोध्या जाकर प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर मिल रहा है।
बस्तर में शांति के साथ बढ़ रहा विकास
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहे बस्तर में अब शांति और विकास का वातावरण तैयार हो रहा है। सुरक्षा बलों के प्रयासों और सरकार की विकासपरक नीतियों के परिणामस्वरूप दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है।
उन्होंने कहा कि शांति स्थापित होने के साथ बस्तर में पर्यटन, उद्योग, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं। सरकार का लक्ष्य बस्तर को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर क्षेत्र के लोगों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में मातृशक्ति की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण, किसानों की समृद्धि, युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर, गरीब परिवारों का उत्थान तथा जनजातीय क्षेत्रों का विकास सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति को विकास की मुख्यधारा में मजबूत भागीदारी दिलाकर ही समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ का सपना पूरा किया जा सकता है।
जनप्रतिनिधियों और हितग्राहियों की रही सहभागिता
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग ने महतारी वंदन योजना की किस्त जारी किए जाने को महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। पूर्व सांसद सरोज पांडे ने भी योजना को महिलाओं के आत्मविश्वास और आर्थिक स्वावलंबन से जोड़ने वाली पहल बताया।
समारोह में भोजराज नाग, सरोज पांडे सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाएं और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में रक्षाबंधन से पहले मातृशक्ति के सम्मान, आर्थिक सशक्तीकरण और विकास के संकल्प का संदेश प्रमुखता से सामने आया।
