दक्षिण भारत के बाजार में छत्तीसगढ़ पर्यटन की दस्तक, चेन्नई में रोड शो से बने नए कारोबारी रिश्ते

रायपुर। छत्तीसगढ़ को दक्षिण भारत के बड़े पर्यटन बाजार से जोड़ने की दिशा में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने महत्वपूर्ण पहल की है। चेन्नई में आयोजित “छत्तीसगढ़ टूरिज्म रोड शो” के जरिए राज्य के प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन स्थलों और निवेश की संभावनाओं को दक्षिण भारतीय पर्यटन कारोबारियों के सामने प्रभावी ढंग से रखा गया। फिक्की के सहयोग से हुए इस आयोजन में चेन्नई के 130 से अधिक ट्रैवल एजेंट और टूर ऑपरेटर शामिल हुए।

रोड शो के दौरान आयोजित बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) बैठकों में छत्तीसगढ़ और चेन्नई के पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने सीधे संवाद किया। पर्यटन पैकेज, पर्यटक समूहों के आवागमन और भविष्य में कारोबारी सहयोग बढ़ाने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। इससे छत्तीसगढ़ को दक्षिण भारत के पर्यटन मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित करने की संभावनाएं बढ़ी हैं।

तमिलनाडु के पर्यटकों तक पहुंच बनाने पर फोकस

रोड शो का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ के पर्यटन उत्पादों को दक्षिण भारत के प्रमुख बाजारों में पहुंचाना रहा। कार्यक्रम में राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ-साथ प्रकृति, संस्कृति, विरासत और अनुभव आधारित पर्यटन की संभावनाओं की जानकारी दी गई। पर्यटन कारोबारियों को छत्तीसगढ़ में निवेश के अवसरों से भी अवगत कराया गया।

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कार्यक्रम में राज्य की पर्यटन संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए चेन्नई के पर्यटन कारोबारियों से छत्तीसगढ़ के साथ जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत के पर्यटकों के बीच छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को लोकप्रिय बनाने के लिए ऐसे संवाद बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं।

तमिल भाषा में पहली बार हुआ पर्यटन प्रस्तुतीकरण

चेन्नई रोड शो की खासियत यह रही कि छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों और पर्यटन उत्पादों का स्थानीय हितधारकों के सामने तमिल भाषा में भी प्रस्तुतीकरण किया गया। स्थानीय भाषा में जानकारी उपलब्ध कराने की इस पहल से पर्यटन कारोबारियों और संभावित पर्यटकों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने में मदद मिली।

पर्यटन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने तमिल और अंग्रेजी में संबोधन करते हुए छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत की विशेषताओं को सामने रखा। उन्होंने कहा कि राज्य की पर्यटन क्षमता को देश के प्रमुख पर्यटन बाजारों से जोड़ना समय की जरूरत है।

निवेश और पर्यटन पैकेजों पर भी हुई चर्चा

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे ने राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों, पर्यटन उत्पादों और निवेश की संभावनाओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। B2B बैठक में मौजूद ट्रैवल एजेंटों और टूर ऑपरेटरों ने छत्तीसगढ़ को अपने पर्यटन पैकेजों में शामिल करने तथा पर्यटकों के समूह राज्य में भेजने को लेकर रुचि दिखाई।

पर्यटन क्षेत्र के प्रमुख प्रतिनिधि रहे मौजूद

कार्यक्रम में भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की सहायक निदेशक एस. पद्मावती, फिक्की छत्तीसगढ़ टूरिज्म कमेटी के चेयरपर्सन एवं फिक्की छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष जसप्रीत सिंह भाटिया, फिक्की तमिलनाडु स्टेट काउंसिल के को-कन्वीनर श्रीहरन बालन तथा तमिलनाडु पर्यटन के निदेशक डॉ. वी.पी. जयसीलन (IAS) सहित पर्यटन क्षेत्र से जुड़े अनेक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों की रही विशेष सहभागिता

चेन्नई में पदस्थ छत्तीसगढ़ कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के.सी. देवासेनापति और एलेक्स पॉल मेनन की मौजूदगी ने भी आयोजन को विशेष बनाया। दोनों अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ के साथ अपने जुड़ाव और राज्य में पर्यटन विकास की संभावनाओं पर विचार साझा किए।

कारोबार के साथ संस्कृति का भी बना सेतु

चेन्नई रोड शो ने केवल पर्यटन प्रचार के लिए मंच उपलब्ध नहीं कराया, बल्कि छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु के बीच सांस्कृतिक एवं व्यावसायिक संबंधों को मजबूत करने का अवसर भी दिया। B2B बैठकों के जरिए दोनों क्षेत्रों के पर्यटन कारोबारियों के बीच संपर्क स्थापित हुआ, जिससे आने वाले समय में पर्यटक समूहों के आवागमन, पर्यटन उत्पादों के प्रचार और कारोबारी साझेदारी को गति मिलने की उम्मीद है।

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की यह पहल राज्य के पर्यटन को दक्षिण भारतीय बाजार में नई पहचान दिलाने के साथ-साथ निजी क्षेत्र की भागीदारी और निवेश के नए अवसर खोलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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