कला और संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ रहा चक्रधर समारोह: रामविचार नेताम

पांचवीं सांस्कृतिक संध्या में प्रभारी मंत्री ने किया दीप प्रज्वलन, कलाकारों का किया सम्मान

रायगढ़। 41वें चक्रधर समारोह की पांचवीं सांस्कृतिक संध्या में छत्तीसगढ़ शासन के कृषि मंत्री एवं रायगढ़ जिले के प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम शामिल हुए। कार्यक्रम स्थल पहुंचकर उन्होंने भगवान गणेश की विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की। इसके पश्चात उन्होंने महाराजा चक्रधर सिंह के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और दीप प्रज्वलित कर सांस्कृतिक संध्या का विधिवत शुभारंभ किया।

इस अवसर पर रामविचार नेताम ने कहा कि चक्रधर समारोह कला और संस्कृति के माध्यम से समाज को जोड़ने वाला विशिष्ट आयोजन है। यह ऐसा मंच है, जहां कलाकारों, कला साधकों और कला प्रेमियों को एक साथ आने का अवसर मिलता है। उन्होंने रायगढ़ के उन कला प्रेमियों की सराहना की, जो देर रात तक समारोह में उपस्थित रहकर विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लेते हैं। उन्होंने कहा कि कला और संस्कृति के प्रति रायगढ़वासियों की यह निरंतर सहभागिता समारोह की विशिष्ट पहचान बन चुकी है।

महाराजा चक्रधर सिंह की कला साधना को किया स्मरण

प्रभारी मंत्री ने कहा कि स्वर्गीय महाराजा चक्रधर सिंह ने संगीत और कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देते हुए रायगढ़ घराने की पहचान को देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाया। कथक नृत्य के संरक्षण और संवर्धन में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिसके कारण रायगढ़ को शास्त्रीय नृत्य के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान मिली।

उन्होंने कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह की कला साधना और विरासत से प्रेरणा लेते हुए चक्रधर समारोह आज भी कला की इस समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। यह आयोजन केवल सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय कला और संस्कृति की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। समारोह में छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से कला की विविध विधाओं से दर्शकों को परिचित करा रहे हैं।

पांचवीं सांस्कृतिक संध्या के कलाकारों का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान रामविचार नेताम ने पांचवीं सांस्कृतिक संध्या में प्रस्तुति देने वाले कलाकारों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि कलाकारों की निरंतर साधना और कला प्रेमियों की सक्रिय सहभागिता से ही चक्रधर समारोह जैसे सांस्कृतिक आयोजन अपनी परंपरा को निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं।

उन्होंने कला प्रेमियों से समारोह में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने और कलाकारों का उत्साहवर्धन करने की अपील की। साथ ही उन्होंने सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में समाज की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, अरुणधर दीवान, श्रीकांत सोमावार, सुभाष पाण्डेय, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह सहित जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारी, कलाकार तथा बड़ी संख्या में कला प्रेमी उपस्थित रहे।